- हरियाणा में कांग्रेस के जिलाध्यक्षों को राहुल गांधी ने पढ़ाया एकजुटता का पाठ
हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी की जड़ गहरी है। वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रही खींचतान हाईकमान के लिए बड़ी चुनौती बनी है। कांग्रेस हाईकमान हरियाणा में संगठन से गुटबाजी दूर करने को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है। कुरुक्षेत्र जिलाध्यक्षों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी अब केवल अंदरूनी मतभेद नहीं बल्कि संगठन की कार्यशैली को प्रभावित करने वाली स्थायी सच्चाई बन चुकी है। पार्टी नेतृत्व एक तरफ संगठन को मजबूत करने और अनुशासन का संदेश देने में जुटा है, दूसरी तरफ प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग राजनीतिक एजेंडे इस कोशिश को कमजोर कर रहे हैं।
कांग्रेस हाईकमान हरियाणा में संगठन से गुटबाजी दूर करने को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है। वर्तमान में जिलाध्यक्षों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया जा रहा है लेकिन गुटबाजी का रोग तब तक दूर नहीं होगा जब तक प्रदेश के शीर्ष स्तर के नेताओं में एकजुटता नहीं आती।
बड़े नेताओं को एकसाथ लाना चुनौती
हाईकमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि हुड्डा, सैलजा, सुरजेवाला के गुटों के साथ-साथ कैप्टन अजय यादव और बीरेंद्र सिंह जैसे नेताओं की अलग राजनीतिक धाराओं को एक साझा दिशा में लाया जाए। जब तक वरिष्ठ नेतृत्व स्तर पर गुटबाजी पर ठोस और समान कार्रवाई नहीं होती, तब तक जिलाध्यक्षों को पढ़ाया जा रहा एकजुटता का पाठ जमीनी सच्चाई से टकराता ही रहेगा। लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के दौरे के समय भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा एक मंच पर आई थीं। उसके बाद से दोनों नेताओं को पार्टी नेतृत्व एकसाथ नहीं ला पाया है।
भविष्य में नजर नहीं आएगी गुटबाजी
बीके हरिप्रसाद प्रभारी, हरियाणा कांग्रेस ने बताया कि कांग्रेस में गुटबाजी करने वालों को सख्त चेतावनी देने के साथ-साथ अनुशासनात्मक कमेटी का गठन भी किया गया है। संगठन विस्तार के बाद गुटबाजी के कारण अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। कई बार कुछ गतिविधियों को पार्टी के बाहर के लोग गुटबाजी के नजरिए से देखने लगते हैं जबकि ऐसा नहीं होता है। वरिष्ठ नेताओं के साथ जमीनी स्तर पर भी गुटबाजी से नुकसान का पाठ पढ़ाया जा चुका है। भविष्य में गुटबाजी जैसी स्थिति नजर नहीं आएगी।