करनाल जिले में सड़क सुरक्षा को ठेंगा दिखाते हुए एक तेज रफ्तार इनोवा गाड़ी के चालक ने जमकर उत्पात मचाया। शहर के व्यस्ततम इलाकों में शुमार हॉस्पिटल चौक और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के सामने हुई इस घटना ने प्रशासनिक दावों और सड़क पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक ग्रे रंग की इनोवा गाड़ी ने पहले कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के गेट के पास खड़ी एक रेहड़ी को जोरदार टक्कर मारी और वहां मौजूद एक सुरक्षाकर्मी को घायल कर दिया। इसके बाद चालक ने रफ्तार कम करने के बजाय गाड़ी की स्पीड और बढ़ा दी और भागने की कोशिश में हॉस्पिटल चौक पर एक अन्य इनोवा और एक्टिवा को अपनी चपेट में ले लिया।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि आरोपी चालक संभवतः नशे की हालत में था और गाड़ी की रफ्तार 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रही होगी। सबसे पहले उसने मेडिकल कॉलेज के सामने रोटी की रेहड़ी लगाने वाले एक गरीब व्यक्ति की रेहड़ी को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। इस टक्कर के दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात एक सिक्योरिटी गार्ड भी गंभीर रूप से चोटिल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेहड़ी पलट गई और सारा सामान सड़क पर बिखर गया।
इतना बड़ा हादसा करने के बाद भी मानवीय संवेदना दिखाने के बजाय चालक ने वहां से भागना उचित समझा। भागते समय उसने हॉस्पिटल चौक पर मोड़ ले रही एक दूसरी इनोवा गाड़ी को भी टक्कर मारी। उस गाड़ी के चालक ने बताया कि यदि वह समय रहते ब्रेक नहीं मारता, तो उसकी गाड़ी के परखच्चे उड़ सकते थे और जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। आरोपी ने न केवल गाड़ियों को नुकसान पहुँचाया बल्कि सड़क किनारे खड़ी एक एक्टिवा को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक राहगीर परिवार ने आरोपी की गाड़ी का पीछा किया और उसका वीडियो बनाकर नंबर नोट कर लिया। गाड़ी का नंबर एचआर 05 के 080 बताया जा रहा है। जांच में प्राथमिक तौर पर यह जानकारी सामने आई है कि गाड़ी का पता करनाल के नरसी विलेज का हो सकता है। पीड़ित पक्षों ने इस मामले में पुलिस को शिकायत देने का मन बना लिया है। उनका कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि हिट एंड रन का गंभीर मामला है और ऐसे रईसजादों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो दूसरों की जान को जोखिम में डालकर सड़कों पर मौत का तांडव करते हैं।
हॉस्पिटल चौक पर लगे सरकारी सीसीटीवी कैमरों में भी गाड़ी की तेज रफ्तार और टक्कर की तस्वीरें कैद होने की संभावना है। पुलिस को सूचना दे दी गई है और अब सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी चालक की पहचान सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रात के समय और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की गश्त कम होने के कारण ऐसे चालकों के हौसले बुलंद रहते हैं। फिलहाल घायल सुरक्षाकर्मी का उपचार चल रहा है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।