हरियाणा के घरौंडा में पिछले कुछ दिनों से चिकित्सा सेवाओं पर मंडरा रहे संकट के बीच हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने गहरा दुख व्यक्त किया है। करनाल पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष ने डॉक्टर और एसएचओ के बीच हुए मारपीट विवाद को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और जनहित में काम करने का आग्रह किया है। यह विवाद तब उपजा जब घरौंडा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एक डॉक्टर और पुलिस अधिकारी के बीच हिंसक टकराव हो गया, जिसके विरोध में प्रदेश भर के सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक चली लंबी बैठक के बाद इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे कोई अधिकारी हो, कर्मचारी हो या जनप्रतिनिधि, समाज में सभी जिम्मेवार पदों पर बैठे लोगों का आचरण मर्यादित और आदर्श होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हम सभी एक टीम की तरह जनसेवा के लिए काम करते हैं, और ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल टीम भावना को ठेस पहुंचाती हैं बल्कि शासन-प्रसारन की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
विवाद के कारण पूरे हरियाणा में ओपीडी सेवाएं बाधित होने पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के बंद होने का सबसे ज्यादा खामियाजा गरीब तबके के उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है जो पूरी तरह से सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं। उन्होंने हड़ताल कर रहे चिकित्सकों से अपील की कि वे आम जनता की पीड़ा को समझें और इस विवाद को अधिक लंबा न खींचते हुए काम पर वापस लौटें। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी गलत आचरण या कानूनी उल्लंघन के मामले में कानून अपना काम निष्पक्षता से करेगा और प्रशासन इस पूरे मामले का उचित संज्ञान ले रहा है।
बैठक के दौरान हरविंद्र कल्याण ने केवल विवाद पर ही नहीं, बल्कि करनाल और घरौंडा क्षेत्र के विकास कार्यों की भी गहराई से समीक्षा की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित लंबित परियोजनाओं और पाइपलाइन में मौजूद विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में आने वाली किसी भी अड़चन को तत्काल दूर किया जाए ताकि समयबद्ध तरीके से जनता को इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके।
हरियाणा के हालिया बजट पर चर्चा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने इसे एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट बताया। उन्होंने जानकारी दी कि लगभग सवा दो लाख करोड़ का यह बजट सत्र 18 मार्च तक चलेगा, जिसमें पक्ष और विपक्ष के बीच सार्थक चर्चा जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि 9 मार्च के बाद विधानसभा की विभिन्न समितियां विभागों की मांगों और अनुमानों का अध्ययन करेंगी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बजट का उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
कुल मिलाकर, विधानसभा अध्यक्ष का दौरा विवादों को सुलझाने और विकास की गति को बनाए रखने के दोहरे उद्देश्य पर केंद्रित रहा। उन्होंने बार-बार इस बात को दोहराया कि जनसेवा सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्तिगत टकराव को सार्वजनिक सेवाओं के आड़े नहीं आने देना चाहिए। अब देखना यह होगा कि विधानसभा अध्यक्ष की इस भावुक और प्रशासनिक अपील का हड़ताल कर रहे डॉक्टरों पर क्या असर पड़ता है और कब तक सरकारी अस्पतालों में सेवाएं सामान्य हो पाती हैं।