करनाल जिले में चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे दिनदहाड़े गरीब और मेहनतकश परिवारों को अपना निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला शहर की भगत सिंह कॉलोनी (गली नंबर तीन) से सामने आया है, जहां रविवार की दोपहर एक दिहाड़ी मजदूर परिवार के घर में सेंधमारी कर चोरों ने उनकी जिंदगी भर की कमाई पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित परिवार निर्माणाधीन कच्चे मकान में रहकर जैसे-तैसे अपना गुजारा कर रहा था, लेकिन चोरों ने उनकी शादी के जेवर और मेहनत से जोड़ी गई नगदी भी नहीं छोड़ी।
घटना के समय घर के मुखिया और उनकी पत्नी दोनों ही अपने काम पर गए हुए थे। पीड़ित महिला ने बताया कि वह सुबह करीब 8:00 बजे कोठियों में काम करने के लिए निकली थी, जबकि उसके पति मजदूरी के लिए घर से बाहर थे। बच्चे पड़ोस में खेल रहे थे। जब महिला दोपहर करीब 1:00 बजे घर वापस लौटी, तो घर का मंजर देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर के बाहर का ताला तो वैसा ही लगा हुआ था जैसा वह लगाकर गई थी, लेकिन अंदर वाले दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। घर के भीतर सारा सामान उथल-पुथल था और अलमारियां खुली पड़ी थीं।
चोरों ने घर के चप्पे-चप्पे को खंगाला और वहां रखे करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए। पीड़ित महिला के अनुसार, ये जेवर उसकी शादी के समय मायके से मिले थे, जिन्हें उसने अपने बच्चों के भविष्य और मुश्किल समय के लिए संजो कर रखा था। इसके अलावा, अलमारी में रखे 20 हजार रुपये की नगदी भी गायब थी, जो इस गरीब परिवार ने पेट काटकर पिछले कई महीनों में जमा की थी। चोरों ने मंदिर और बेड बॉक्स तक को नहीं छोड़ा और कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो गए।
मकान की हालत देखकर यह स्पष्ट होता है कि परिवार बेहद तंगी में जी रहा है। ईंटों के कच्चे मकान पर टिन की छत डली हुई है और अभी तक घर का प्लस्टर भी नहीं हुआ है। चोरों ने संभवतः छत और गेट के बीच खाली पड़ी थोड़ी सी जगह का फायदा उठाकर घर में प्रवेश किया। पीड़ित परिवार ने तुरंत डायल 112 और स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। पड़ोसियों का आरोप है कि भगत सिंह कॉलोनी में यह पहली चोरी नहीं है। पिछले पांच सालों में कम से कम सात से आठ घरों में चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस आज तक एक भी चोर को पकड़ने में नाकाम रही है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा के अभाव में अब वे अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे आसपास की गलियों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
इस चोरी ने एक गरीब परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। तीन बच्चों की जिम्मेदारी और निर्माणाधीन मकान के कर्ज के बीच, जमापूंजी और जेवरों का चले जाना उनके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस बार चोरों को पकड़कर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिला पाएंगे या यह मामला भी पिछली चोरियों की तरह अनसुलझा ही रह जाएगा।