हरियाणा सरकार ने अपनी अत्यंत महत्वाकांक्षी ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ में एक दूरगामी और महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जानकारी दी कि अब इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने मिलने वाली 2100 रुपये की नकद सहायता के वितरण के तरीके को संशोधित किया गया है। इस निर्णय का सीधा प्रभाव प्रदेश की उन लाखों महिलाओं पर पड़ेगा जो इस योजना का लाभ उठा रही हैं।
संशोधित योजना के अनुसार, अब महिलाओं के बचत बैंक खाते में हर महीने 2100 रुपये के बजाय 1100 रुपये की राशि सीधे जमा की जाएगी। शेष 1000 रुपये की राशि को सरकार द्वारा लाभार्थी के नाम पर संचालित आवर्ती जमा (आरडी) या सावधि जमा (एफडी) खाते में निवेश किया जाएगा। सरकार का यह कदम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ उनके भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह नई व्यवस्था फरवरी 2026 से प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निवेश की गई इस 1000 रुपये की संचित राशि पर बैंक द्वारा देय ब्याज भी जुड़ेगा, जो मैच्योरिटी (परिपक्वता) के समय लाभार्थी महिला को प्रदान किया जाएगा। यह व्यवस्था न केवल महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देगी, बल्कि भविष्य में किसी बड़े खर्च, जैसे बेटी की शादी या अन्य महत्वपूर्ण जरूरतों के समय एक बड़ा वित्तीय सहारा भी बनेगी। योजना के नियमों के तहत, यदि किसी कारणवश लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो जमा राशि का लाभ उसके द्वारा नियुक्त नॉमिनी (वारिस) को मिलेगा।
यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों की महिलाओं के लिए है जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम है। सरकार का मानना है कि 1100 रुपये की मासिक नकद राशि से महिलाएं अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा कर सकेंगी, जबकि 1000 रुपये की अनिवार्य बचत उनके दीर्घकालिक भविष्य को सुरक्षित करेगी। इस बदलाव को सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश की बेटियां और महिलाएं आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।