January 10, 2026
26 Nov 8
  • OPS MERAKI 2025 में हॉट एयर बैलून, गेम्स और थीम बेस्ड एक्टिविटीज ने बच्चों–पेरेंट्स का दिल जीता।​

  • सभी गेम्स, स्टॉल्स और एक्टिविटीज बच्चों द्वारा ऑर्गनाइज़, सीनियर्स ने जूनियर्स को खुद गेम खिलाए।​

  • स्किट्स व एक्ट्स से मोबाइल और टेक्नोलॉजी के सही–गलत उपयोग पर मजबूत संदेश दिया गया।​

  • प्रिंसिपल ने एक्टिविटीज और पढ़ाई को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया, पेरेंट्स से टीम बनकर काम करने की अपील।​

अंबाला: OPS Vidya Mandir Ambala में हर साल की तरह इस बार भी एनुअल डे ‘OPS MERAKI 2025’ बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें बच्चों, पेरेंट्स और मेहमानों ने कार्निवल जैसे माहौल में पूरे दिन भर खूब मस्ती की। स्कूल परिसर में अलग-अलग गेम्स, स्पोर्ट्स, एक्टिविटीज़ और एग्जिबिशन लगाई गईं, जिनका संचालन और मैनेजमेंट खुद बच्चों ने संभाला और अपनी प्रतिभा व जिम्मेदारी का परिचय दिया।​

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण हॉट एयर बैलून रहा, जिसका मज़ा बच्चों के साथ-साथ बड़े भी लेते हुए नजर आए। डायरेक्टर ईशा बंसल ने बताया कि आमतौर पर लोग टर्की जैसे टूरिस्ट प्लेसेज़ पर जाकर इस तरह की राइड का अनुभव लेते हैं, लेकिन इस बार स्कूल ने कोशिश की कि वही अनुभव अंबाला में बच्चों और अभिभावकों को मिले और तीन–तीन साल के छोटे बच्चे भी उत्साह से इसमें शामिल हुए।​

ईशा बंसल ने कहा कि OPS MERAKI में हर साल गेम्स, एग्जिबिशन और बच्चों का एक साल भर का काम प्रदर्शित किया जाता है ताकि उनकी क्रिएटिविटी और मेहनत सबके सामने आ सके। इस बार स्कूकी हाउस, हॉन्टेड हाउस, फार्म विज़िट, प्ले एरिया और कई थीम बेस्ड एक्टिविटीज़ के माध्यम से बच्चों ने न सिर्फ मनोरंजन किया बल्कि महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी देने की कोशिश की, खासकर मोबाइल फोन के अत्यधिक प्रयोग के नुकसान जैसे मुद्दों पर।​

डायरेक्टर ने कहा कि टेक्नोलॉजी हो या कोई भी चीज, उसकी ‘अति’ हमेशा नुकसानदायक होती है, इसलिए जरूरत के अनुसार ही उसका उपयोग किया जाना चाहिए और बच्चों को यह सिखाना ज़रूरी है कि मोबाइल उनके ऊपर हावी न हो, बल्कि वे खुद अपने दिमाग पर कंट्रोल रखें। कार्यक्रम में दिखाई गई स्किट्स और एक्ट्स के जरिए बच्चों ने मोबाइल की लत, स्क्रीन टाइम और वास्तविक जीवन से दूरी जैसे विषयों पर संदेश देने की कोशिश की।​

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि लगभग सारे गेम्स, स्टॉल्स और एक्टिव सेटअप बच्चों ने ही तैयार किए और वही सीनियर स्टूडेंट्स जूनियर्स को गेम्स खिलाते व गाइड करते दिखे। हार्ट कॉर्नर, रोलर्स, प्ले एरिया और एक छोटे से फार्म विज़िट जोन के जरिए छोटे बच्चों को प्राकृतिक वातावरण और ग्रामीण जीवन जैसी फील देने की भी कोशिश की गई।​

मेहमानों और पेरेंट्स ने कहा कि OPS MERAKI अब सिर्फ ओपीएस के बच्चों के लिए ही नहीं, पूरे अंबाला के बच्चों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन चुका है, जिसका उन्हें पूरे साल इंतज़ार रहता है। एक गेस्ट ने कहा कि यह इवेंट किसी साधारण एनुअल डे से ज्यादा एक कार्निवल जैसा लगता है, जहां हर गेम और एक्टिविटी में शिक्षा छिपी है और बच्चा यहां से कुछ न कुछ सीख कर ही जाता है।​

कुछ पेरेंट्स ने बताया कि बड़े शहरों में तो इस तरह के कार्निवल और एडवेंचर एक्टिविटीज़ आम हैं, लेकिन टियर-2 सिटीज़ में बच्चों के पास ऐसे मौके बहुत कम होते हैं। हॉट एयर बैलून जैसी एडवेंचर एक्टिविटी को स्कूल कैंपस में सुरक्षित तरीके से आयोजित कर ओपीएस ने छोटे शहर अंबाला के बच्चों का वह सपना भी पूरा किया, जो पहले सिर्फ टूरिस्ट डेस्टिनेशंस या बड़े शहरों से जुड़ा माना जाता था।​

एक अभिभावक ने कहा कि बचपन में वे खुद ऐसे सपने देखते थे कि हॉट एयर बैलून में बैठेंगे या बड़े थीम पार्क में जाएँगे, लेकिन छोटे शहर होने की वजह से हमेशा रुकावट आ जाती थी, जबकि अब ओपीएस विद्या मंदिर ने हजारों बच्चों का यह सपना यहीं पूरा कराया है। उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट, खासकर ईशा बंसल और तरुण बंसल की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों का कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ेगा और भविष्य में यह अनुभव उनके काम आएगा।​

कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधि और विशेष अतिथि भी पहुंचे, जिन्होंने थीम और कॉन्सेप्ट की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि खुले आसमान के नीचे स्टेज परफॉर्मेंस, बच्चों द्वारा खुद तैयार किया गया संगीत, गीत, नृत्य और इन-हाउस तैयार गेम्स बच्चों के समग्र विकास और उनके व्यक्तित्व निर्माण के लिए बेहद उपयोगी हैं।​

प्रिंसिपल नीलम शर्मा ने बताया कि MERAKI स्कूल का वार्षिक फंक्शन है, जिसमें केवल कल्चरल एक्टिविटीज़ ही नहीं, बल्कि पढ़ाई से जुड़ी एग्जिबिशन और इंटरेस्टिंग एक्टिविटीज भी शामिल रहती हैं। यहां बच्चे खेलते–खेलते सीखते हैं, खुद बनाई हुई पेंटिंग्स, ड्राइंग्स और कलाकृतियां एग्जिबिट करते हैं और कुछ बच्चे इन्हें सेल कर के एंटरप्रेन्योरशिप की शुरुआती समझ भी विकसित कर रहे हैं।​

उन्होंने बताया कि यह भव्य आयोजन सिर्फ ओपीएस के स्टूडेंट्स के लिए नहीं, पूरे अंबाला के बच्चों के लिए ओपन है, जिसके लिए टैलेंट हंट जैसे सेगमेंट भी रखे गए हैं और प्रतिभागियों के लिए आकर्षक इनाम भी हैं। स्पोकी हाउस, एड्यू-एक्सपो, एजुकेशन से जुड़े गेम्स और बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल्स इस बात का उदाहरण हैं कि कैसे अकादमिक नॉलेज को एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग में बदला जा सकता है।​

प्रिंसिपल ने कहा कि बच्चों के लिए पढ़ाई जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी एक्टिविटीज भी हैं और दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने पेरेंट्स से अपील की कि वे बच्चों को विभिन्न एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए उत्साहित करें, स्कूल के साथ मिलकर बच्चों की प्रतिभा को पहचानें और किसी भी फील्ड या सब्जेक्ट को कमतर न समझें, क्योंकि हर क्षेत्र में अपनी अच्छाइयाँ छिपी होती हैं।​

मोबाइल और टेक्नोलॉजी के मुद्दे पर प्रिंसिपल ने कहा कि आज टेक्नोलॉजी के बिना जीवन की कल्पना भी मुश्किल है, लेकिन बच्चों को यह सिखाना ज़रूरी है कि इसका सही उपयोग क्या है और गलत क्या। उनका कहना था कि स्कूल और अभिभावक दोनों मिलकर ही बच्चों में यह समझ विकसित कर सकते हैं कि मोबाइल के फायदे तभी हैं जब उसका नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण इस्तेमाल किया जाए।​

अंत में उन्होंने पेरेंट्स को संदेश दिया कि स्कूल और पेरेंट्स एक टीम हैं और मिलकर ही बच्चे की प्रतिभा, मूल्यों और अच्छे इंसान बनने की राह को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई तो जरूरी है ही, लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी है कि बच्चा एक अच्छा इंसान बने, संस्कार और मूल्य सीखें और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने लायक बने।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.