हरियाणा के करनाल में सेक्टर-32 स्थित चौड़ी सड़कों पर एक बार फिर रईसजादों की स्टंटबाजी और लापरवाही ने एक बड़े हादसे को न्योता दिया। रविवार शाम रील बनाने और गाड़ियों से स्टंट करने के चक्कर में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर कई बार पलटी और एक सड़क किनारे स्थित दुकान से जा टकराई। इस घटना में गनीमत यह रही कि दुकान के पास बैठे बच्चे और दुकानदार समय रहते पीछे हट गए, अन्यथा यह एक भीषण त्रासदी में बदल सकता था। घटना के समय इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने मौके पर भारी विरोध प्रदर्शन किया।
प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित दुकानदार के अनुसार, सेक्टर-32 की सड़क पर तीन गाड़ियां एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही थीं और खतरनाक तरीके से ड्रिफ्टिंग व स्टंटबाजी कर रही थीं। बताया जा रहा है कि गाड़ी की रफ्तार करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटा थी। स्टंट के दौरान कार चालक ने अपना संतुलन खो दिया, जिससे कार ने सड़क किनारे लगे टेंट और स्टाल को उखाड़ फेंका और पलट गई। दुकानदार ने आरोप लगाया कि गाड़ी चला रहे युवक नशे में धुत थे और गाड़ी के भीतर से शराब की बोतलें भी देखी गई हैं। दुकानदार का कहना है कि उसका बेटा दुकान पर ही बैठा था और अगर वह एक सेकंड की देरी करता, तो कार उसे कुचल देती।
हादसे के बाद मौके पर काफी तनावपूर्ण माहौल देखा गया। कार सवार युवकों के कुछ परिचितों ने उन्हें वहां से निकालने का प्रयास किया, जिसका स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया। लोगों का कहना था कि जब तक पुलिस नहीं आती और नुकसान की भरपाई का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक किसी को जाने नहीं दिया जाएगा। इस दौरान बचाव करने आए लोगों और स्थानीय निवासियों के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये ‘बिगड़ैल रईसजादे’ अक्सर इन सड़कों को हवाई पट्टी समझकर गाड़ियां दौड़ाते हैं, जिससे आम नागरिकों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है।
घटना की सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित दुकानदार ने बताया कि दो महीने पहले ही इसी तरह के एक हादसे में उनके परिवार के एक सदस्य की जान गई थी, जिसके बावजूद इलाके में स्टंटबाजी पर लगाम नहीं लग रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर कार्रवाई करेंगे। यह भी जांच की जा रही है कि क्या गाड़ी चलाने वाले नाबालिग थे और क्या वाकई वे नशे की हालत में थे।
यह घटना उन माता-पिता के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है जो अपने बच्चों को कम उम्र में ही महंगी और तेज रफ्तार गाड़ियां थमा देते हैं। सड़कों पर रील बनाने और सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटने का यह जुनून आज किसी की जान ले सकता था। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सेक्टर-32 जैसे इलाकों में जहां सड़कें चौड़ी हैं, वहां पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और स्टंट करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा कृत्यों पर अंकुश लग सके।
Ground Report By Kamal Midha