हरियाणा के करनाल जिले में आज इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) के क्षेत्रीय केंद्र पर उस समय भारी हंगामा और तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों छात्र अपने असाइनमेंट जमा करने के लिए दफ्तर के बाहर घंटों तक परेशान होते रहे। छात्र-छात्राओं का आरोप था कि उन्हें आधिकारिक रूप से मैसेज भेजकर रविवार को असाइनमेंट जमा करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन जब वे यहाँ पहुंचे, तो केंद्र पर ताला लटका मिला। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब छात्र अपनी शिकायत लेकर पास ही मौजूद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलने का प्रयास करने लगे।
पूरे हरियाणा भर से आए इन विद्यार्थियों में कैथल, जींद और अन्य दूर-दराज के इलाकों के छात्र शामिल थे। कई छात्र अपने छोटे बच्चों और परिवारों के साथ यहाँ पहुंचे थे। उनका कहना था कि असाइनमेंट जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है और उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि असाइनमेंट केवल रविवार को ही लिए जाएंगे। घंटों के इंतजार के बाद भी जब केंद्र के कर्मचारियों ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और ‘कल आने’ की बात कहकर टरकाने लगे, तो छात्रों का धैर्य जवाब दे गया। छात्रों का तर्क था कि वे बार-बार इतना लंबा सफर तय कर और हजारों रुपये किराया खर्च कर यहाँ नहीं आ सकते।
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच कुंजपुरा थाना के एसएचओ रामलाल मसीहा बनकर सामने आए। उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों की बात सुनी और मामले की संवेदनशीलता को समझा। एसएचओ ने छात्रों के भविष्य का हवाला देते हुए तुरंत इग्नू केंद्र के प्रबंधन और उच्च अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि जब छात्रों को रविवार का समय दिया गया है, तो उनके असाइनमेंट आज ही लिए जाने चाहिए। उन्होंने छात्रों को 1001 प्रतिशत आश्वासन देते हुए कहा, “मेरे साथ चलो, मैं तुम्हारे असाइनमेंट जमा करवाऊंगा।”
पुलिस के हस्तक्षेप और एसएचओ रामलाल की सक्रियता के बाद इग्नू केंद्र का प्रबंधन हरकत में आया। कुछ ही समय बाद दफ्तर का गेट खोल दिया गया और छात्रों को भीतर जाने की अनुमति मिल गई। घंटों से तपती धूप और अनिश्चितता के बीच परेशान हो रहे छात्रों के चेहरों पर गेट खुलते ही राहत और खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों ने पुलिस प्रशासन, विशेषकर एसएचओ रामलाल का आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से उनका कीमती समय और शैक्षणिक वर्ष खराब होने से बच गया।
छात्रों का कहना था कि यदि पुलिस दखल नहीं देती, तो उन्हें कल फिर से काम छोड़कर और पैसे खर्च कर आना पड़ता, जिसकी भी कोई गारंटी नहीं थी। यह घटना इग्नू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की प्रशासनिक खामियों और छात्रों के प्रति संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। फिलहाल, सभी छात्रों के असाइनमेंट जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसएचओ ने छात्रों को अपना नंबर भी दिया और कहा कि यदि भविष्य में ऐसी कोई समस्या आती है, तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। इस घटनाक्रम के बाद देर शाम तक इग्नू केंद्र पर असाइनमेंट जमा करने का काम सुचारू रूप से चलता रहा।
Ground Report By Mukul Satija