हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। मतदान से ठीक एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व सांसद संजय भाटिया करनाल पहुंचे, जहाँ उन्होंने केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ लंबी मंत्रणा की। यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि चुनाव की रणनीतियों के साथ-साथ इसमें संगठन और सामाजिक सरोकारों पर भी चर्चा हुई। संजय भाटिया ने मनोहर लाल को प्रदेश के लिए एक बड़ी संपत्ति बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में हुए नवाचारों और ऑनलाइन प्रणालियों ने जनता के जीवन को सुगम बनाया है।
बातचीत के दौरान संजय भाटिया ने अपने हालिया पश्चिम बंगाल प्रवास के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए वहाँ की स्थिति को ‘अंधेरगर्दी और गुंडागर्दी’ का राज बताया। भाटिया ने भावुक होते हुए उन भाजपा कार्यकर्ताओं को नमन किया जो हिंसा और उत्पीड़न के बावजूद पार्टी के लिए डटे हुए हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि वहाँ ऐसे कार्यकर्ता भी हैं जिनके परिजनों की राजनीतिक हत्याएं हुईं, फिर भी वे अडिग हैं। पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा और एनडीए गठबंधन भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज करेगा।
राज्यसभा चुनाव के समीकरणों पर चर्चा करते हुए संजय भाटिया ने कहा कि भाजपा का एक उम्मीदवार होने के नाते उनकी जीत सुनिश्चित है। उन्होंने कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों को भी लोकतंत्र की मर्यादा के तहत शुभकामनाएं दीं। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस विधायकों के शिमला जाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद वे वोटिंग की ट्रेनिंग लेने गए हैं ताकि इस बार कोई वोट गलत न हो जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के अतिरिक्त वोट निर्दलीय उम्मीदवार को जा रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि उनका समर्थित उम्मीदवार भी जीत हासिल करेगा। विधायकों को अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की अपील करते हुए उन्होंने चुनावी उलटफेर की संभावनाओं को खारिज नहीं किया।
राजनीति से इतर, संजय भाटिया ने मनोहर लाल के साथ मिलकर ‘अंत्योदय फाउंडेशन’ के माध्यम से किए जा रहे सामाजिक कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस फाउंडेशन के जरिए ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ने और गरीब परिवारों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने का काम किया जा रहा है। आज की बैठक में भी कई युवाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया जो गांवों में रहकर समाज सेवा और विकास कार्यों में सहयोग करेंगे। भाटिया ने इसे पूरी तरह से गैर-राजनीतिक और समाज को समर्पित ट्रस्ट बताया।
प्रदेश में चल रही गैस की किल्लत और अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम संकट पर भी इस दौरान चर्चा हुई। जनता को राहत देते हुए यह जानकारी साझा की गई कि गैस के बड़े शिप जो फंसे हुए थे, वे अब निकल चुके हैं और जल्द ही आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे संसाधनों का संयम से उपयोग करें और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ई-कुकिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर कदम बढ़ाएं। संजय भाटिया ने दोहराया कि वे राज्यसभा के सदन में हरियाणा के हितों की पुरजोर वकालत करेंगे। करनाल से चंडीगढ़ के लिए रवाना होते हुए उन्होंने प्रदेश की जनता और संगठन का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन पर भरोसा जताया है। कल होने वाला चुनाव न केवल भाटिया के लिए बल्कि प्रदेश की राजनीतिक दिशा के लिए भी काफी अहम साबित होने वाला है।