जेईई मेन्स परीक्षा के हालिया घोषित परिणामों ने एक बार फिर शिक्षा जगत में हलचल पैदा कर दी है। विशेष रूप से करनाल के प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान एसएचएम (SHM) ने इस वर्ष के परिणामों में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है, जिसके चलते यह पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। संस्थान के 25 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने इस कठिन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। परिणामों की घोषणा के साथ ही संस्थान के परिसर में जश्न का माहौल है और सफल छात्रों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती है।
जेईई मेन्स जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में इस स्तर की सफलता प्राप्त करना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। इस वर्ष संस्थान के कई विद्यार्थियों ने 99 पर्सेंटाइल से भी अधिक अंक अर्जित किए हैं, जो उनकी मेहनत और संस्थान की शिक्षण पद्धति की गुणवत्ता को दर्शाता है। सफल छात्रों ने अपनी इस यात्रा के बारे में बात करते हुए बताया कि निरंतरता और सही दिशा में किया गया प्रयास ही उनकी जीत का मुख्य आधार रहा है। छात्रों का मानना है कि परीक्षा के तनावपूर्ण माहौल में शिक्षकों द्वारा दिया गया नैतिक समर्थन और व्यक्तिगत मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ।
संस्थान के प्रबंधकों और शिक्षकों ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता केवल छात्रों की ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के अटूट विश्वास का भी परिणाम है। संस्थान में छात्रों को न केवल शैक्षणिक रूप से तैयार किया जाता है, बल्कि उन्हें समय प्रबंधन और परीक्षा के दौरान धैर्य बनाए रखने के गुर भी सिखाए जाते हैं। शिक्षकों ने बताया कि उनके यहाँ विशेष रूप से संदेह समाधान सत्र और नियमित अभ्यास परीक्षाओं पर जोर दिया जाता है, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है।
सफलता की इस ऊँचाई को छूने वाले छात्रों में से कई ऐसे भी हैं जो साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन उनके बड़े सपनों और कड़ी मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। छात्रों ने साझा किया कि संस्थान में मिलने वाला शैक्षणिक वातावरण उन्हें हर दिन कुछ नया सीखने और अपनी कमियों को दूर करने के लिए प्रेरित करता था। यहाँ की लाइब्रेरी और विशेष अध्ययन सामग्री ने उनकी तैयारी को एक नई धार दी।
करनाल शहर के लिए यह गर्व की बात है कि यहाँ का एक संस्थान राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि अब छात्रों को इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसी उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए महानगरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि करनाल में ही विश्वस्तरीय कोचिंग सुविधाएं उपलब्ध हैं। एसएचएम संस्थान की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है जो आगामी वर्षों में ऐसी ही परीक्षाओं में बैठने की योजना बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेईई मेन्स के परिणामों में आया यह उछाल इस बात का प्रमाण है कि यदि सही तकनीक और आधुनिक संसाधनों के साथ तैयारी की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता हमेशा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना रही है और वे भविष्य में भी इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। सफल छात्रों की फेहरिस्त में शामिल युवाओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए संस्थान ने घोषणा की है कि वे अब जेईई एडवांस्ड की तैयारी के लिए विशेष रणनीति पर कार्य कर रहे हैं, ताकि ये छात्र देश के प्रमुख आईआईटी संस्थानों में अपनी जगह सुनिश्चित कर सकें।
इस ऐतिहासिक परिणाम ने शिक्षा के क्षेत्र में करनाल की साख को और भी मजबूत किया है। जश्न के इस माहौल में सफल विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और अपने जूनियर साथियों को संदेश दिया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, केवल सच्ची निष्ठा और अटूट परिश्रम ही आपको आपकी मंजिल तक पहुँचा सकते हैं।