करनाल जिले में सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अचानक ब्रेक लगाने के कारण एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते बचा। शहर के व्यस्ततम नमस्ते चौक पर दिल्ली से करनाल की ओर आने वाले मार्ग पर गन्नों की गठरियों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और हरियाणा रोडवेज की बस के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोडवेज बस का पिछला शीशा और ढांचा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया।
घटना के विवरण के अनुसार, हरियाणा रोडवेज की सोनीपत डिपो की बस नमस्ते चौक के पास यात्रियों को उतारने के बाद जैसे ही आगे की ओर बढ़ी, पीछे से आ रही गन्नों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली उससे टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि बस चालक ने संभवतः अचानक ब्रेक लगाई या कट मारा, जिसके कारण पीछे से आ रहे भारी-भरकम ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए नियंत्रण पाना कठिन हो गया। ट्रैक्टर चालक ने बताया कि बस में सवार यात्रियों की जान बचाने और सीधी टक्कर की तीव्रता को कम करने के लिए उसने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रैक्टर को तुरंत डिवाइडर की ओर मोड़ दिया और उस पर चढ़ा दिया। इसी जद्दोजहद में ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ा और उसका संपर्क बस के पिछले हिस्से से हो गया।
हादसे के समय बस में काफी संख्या में सवारियां मौजूद थीं। अचानक हुई टक्कर से बस के भीतर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। बस का पिछला कांच टूटकर सीटों पर बिखर गया, लेकिन सौभाग्य से उस समय उन सीटों के पास कोई यात्री इस तरह नहीं बैठा था कि उसे घातक चोट लगती। बस चालक का कहना है कि उसने सवारियों को उतारकर बस को अभी स्टार्ट ही किया था कि तभी पीछे से आ रहे ओवरलोड ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। उनके अनुसार, ट्रैक्टर की गति और उस पर लदे गन्नों के वजन के कारण वह समय पर ब्रेक नहीं लगा पाया।
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और स्थानीय पुलिस बल तुरंत नमस्ते चौक पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों वाहनों को सड़क के किनारे करवाकर यातायात को सुचारू किया। इस बीच, बस में सवार यात्रियों को दूसरी बस के माध्यम से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। हादसे के बाद मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई और कुछ चश्मदीदों ने बस चालक की लापरवाही को हादसे का कारण बताया, जबकि कुछ का मानना था कि ट्रैक्टर ओवरलोड होने की वजह से अनियंत्रित हुआ।
राहत की बात यह रही कि दोनों पक्षों के बीच जानमाल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, हालांकि दोनों वाहनों को आर्थिक क्षति जरूर पहुंची है। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों चालकों ने आपस में बातचीत कर मामले को सुलझाने का निर्णय लिया है और फिलहाल कोई औपचारिक पुलिस मामला दर्ज नहीं कराया गया है। यह घटना एक बार फिर शहर के भीतर भारी वाहनों की गति और अचानक ब्रेक लगाने जैसी लापरवाही के खतरों को उजागर करती है। नमस्ते चौक जैसे व्यस्त इलाकों में अक्सर ऐसे मोड़ और कट हादसों का सबब बनते हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें और गति सीमा का ध्यान रखें ताकि भविष्य में ऐसे डरावने हादसों की पुनरावृत्ति न हो।