करनाल जिले से एक हृदय विदारक खबर सामने आई है, जहाँ पिछले कुछ घंटों से चल रहा तनावपूर्ण घटनाक्रम एक दुखद अंत पर पहुँच गया है। पश्चिमी यमुना नहर में कूदने वाले 25 वर्षीय युवक अमित का शव रविवार सुबह एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने बरामद कर लिया है। यह घटना न केवल एक परिवार के उजाड़ने की कहानी है, बल्कि आवेश में उठाए गए कदमों के विनाशकारी परिणामों का एक जीता-जागता उदाहरण भी है।
घटना के विवरण के अनुसार, अमित, जो मूल रूप से डबरकी गांव का निवासी था और वर्तमान में अपनी पत्नी के साथ कुंजपुरा क्षेत्र की बसंती कॉलोनी में रह रहा था, शनिवार देर रात अपनी जीवनलीला समाप्त करने के इरादे से नहर पर पहुँचा था। बताया जा रहा है कि अमित और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि अमित अपनी मोटरसाइकिल लेकर पश्चिमी यमुना नहर के किनारे पहुँचा और अपनी पत्नी को भी वहीं बुला लिया। वहाँ पहुँचने पर अमित ने अपनी पत्नी के सामने ही पानी के तेज बहाव में छलांग लगा दी। पत्नी ने उसे रोकने की बहुत कोशिश की और उसे पकड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन अमित ने उसे झटक दिया और मौत के आगोश में समा गया।
शनिवार रात 11 से 12 बजे के बीच हुई इस घटना के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय गोताखोर सक्रिय हो गए थे। डायल 112 और रामनगर थाना पुलिस की टीमें रात करीब 2:30 बजे तक सर्च ऑपरेशन चलाती रहीं, लेकिन अंधेरे और पानी की गहराई के कारण सफलता नहीं मिली। सुबह तड़के ही प्रशासन ने एसडीआरएफ की विशेषज्ञ टीमों को मौके पर बुलाया। किश्तियों और आधुनिक उपकरणों से लैस एसडीआरएफ के गोताखोरों ने नहर में उतरकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। आश्चर्यजनक रूप से, टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू होने के मात्र 20 से 25 मिनट के भीतर ही अमित के शव को ढूंढ निकाला। शव नहर के एक पुल के नीचे फंसा हुआ पाया गया।
शव बरामद होने के बाद नहर किनारे मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। अमित के पिता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के युवा सदस्य की इस तरह आकस्मिक और दुखद मृत्यु ने पूरे डबरकी गांव और कुंजपुरा क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। घटना स्थल पर मौजूद रामनगर थाना के एसएचओ (SHO) ने बताया कि रात से ही पुलिस टीमें मुस्तैद थीं और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई ने शव को जल्दी खोजने में मदद की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमित शादीशुदा था और पारिवारिक विवाद ही उसके इस आत्मघाती कदम के पीछे की मुख्य वजह जान पड़ती है। हालांकि, पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। एसएचओ ने स्पष्ट किया कि फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए करनाल के सरकारी अस्पताल के मोर्चरी हाउस भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मृतक के परिजन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने या उकसाने की लिखित शिकायत देते हैं, तो पुलिस नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर समाज में मानसिक दबाव और अनसुलझे घरेलू विवादों के कारण बढ़ती आत्महत्याओं की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ एक ओर एसडीआरएफ की कुशलता की प्रशंसा हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक परिवार अपने चिराग के बुझने से पूरी तरह टूट गया है। पुलिस ने परिजनों को ढांढस बंधाया है और पारदर्शी जांच का आश्वासन दिया है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों पर टिकी हैं ताकि इस दुखद घटना के पीछे की असली सच्चाई और जिम्मेदार कारकों का पता चल सके।