हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने करनाल के पंचायत भवन में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और समिति के सदस्यों की उपस्थिति में जनता की समस्याओं का सीधा निवारण करने का प्रयास किया गया। बैठक के दौरान कुल 13 महत्वपूर्ण शिकायतें मंत्री के समक्ष रखी गईं, जिनमें से पांच का मौके पर ही संतोषजनक समाधान करते हुए उन्हें फाइल से हटा दिया गया, जबकि शेष आठ शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखते हुए अधिकारियों को विस्तृत जांच के आदेश दिए गए।
बैठक में सेक्टर-8 और सेक्टर-6 के निवासियों द्वारा पार्कों और सार्वजनिक रास्तों पर अवैध कब्जों की गंभीर शिकायतें दर्ज कराई गईं। एक निवासी ने दस्तावेजों और पुरानी तस्वीरों के माध्यम से दावा किया कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने पार्क की जगह पर अवैध निर्माण कर लिया है और पेड़ों की कटाई की है। इस पर मंत्री रणबीर गंगवा ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्तिगत रंजिश के आधार पर कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि विभाग पूरे सेक्टर का सर्वे करेगा और यदि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण पाया गया, तो उसे सख्ती से हटाया जाएगा।
एक अन्य मामले में, गांव के झगड़े और मारपीट की शिकायत पर मंत्री ने पुलिस विभाग को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। पीड़ितों का आरोप था कि साजिशकर्ताओं को पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने एक आईपीएस अधिकारी को नए सिरे से जांच सौंपने का आश्वासन दिया, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए सोलर वाटर सिस्टम के सही ढंग से काम न करने का मुद्दा भी बैठक में जोर-शोर से उठा। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि भारी सरकारी बजट खर्च होने के बावजूद किसानों और पंचायतों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मंत्री ने अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) को पूरे जिले में इन प्रोजेक्ट्स की फिजिकल वेरिफिकेशन और तकनीकी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों या एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए रणबीर गंगवा ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की खेल नीति देश में सर्वश्रेष्ठ है और आगामी बजट भी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति (अंत्योदय) और मध्यम वर्ग को राहत देने वाला होगा। पेंशन कटौती की अफवाहों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं काटी गई है, बल्कि वर्तमान सरकार ने ही पेंशन राशि में सर्वाधिक बढ़ोतरी की है।