हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ खुशियों के माहौल में अचानक खलल पड़ गया। यहाँ किन्नर समाज द्वारा आयोजित एक जन्मदिन की पार्टी के दौरान कुछ युवकों ने हंगामा किया और जमकर उत्पात मचाया। इस घटना के दौरान न केवल घर में तोड़फोड़ की गई, बल्कि वहां खड़े एक वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लेते हुए जांच शुरू की।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के पिलानी से आई समाज सेविका मीनाक्षी बाई, जो मूल रूप से तरावड़ी की ही निवासी हैं, अपने परिवार में बच्चों के एक छोटे से कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। रात भर चले नाच-गाने और उत्सव के बाद, जब सुबह करीब 3:30 बजे सभी लोग सो रहे थे, तब कुछ युवकों ने वहां पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। युवकों ने अभद्र व्यवहार करते हुए घर के सामान और गाड़ी को निशाना बनाया, जिससे काफी आर्थिक नुकसान हुआ।
पीड़ित पक्ष की ओर से मीनाक्षी बाई ने प्रशासन से इस तरह की घटनाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने घर में बड़ी मुश्किल से पैसे जोड़कर खुशियां मनाता है, ऐसे में किसी भी जश्न में इस तरह का विघ्न डालना निंदनीय है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें ताकि भविष्य में किसी अन्य के साथ ऐसी घटना न हो।
हालांकि, घटना के अगले दिन स्थानीय समाज और बुजुर्गों के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझता नजर आया। आरोपी युवक अपने माता-पिता के साथ किन्नर समाज के पास पहुंचे और अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। किन्नर समाज ने भी बड़ा दिल दिखाते हुए और आपसी भाईचारे का सम्मान करते हुए युवकों को माफ कर दिया। उन्होंने कहा कि वे सभी के घरों में दुआएं देने जाते हैं, इसलिए वे किसी का बुरा नहीं चाहते।
इस घटना के बाद एक बार फिर यह संदेश दिया गया है कि किसी भी पर्व या उत्सव को शांति और सौहार्द के साथ मनाया जाना चाहिए। पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने भी अपील की है कि आपसी भाईचारे को बनाए रखें और किसी की खुशियों में बाधा न डालें। फिलहाल, राजीनामा होने के बाद स्थिति नियंत्रण में है और दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया है।