हरियाणा के करनाल जिले के पुराने शहर स्थित जुंडला गेट इलाके में आज एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक 8-9 वर्षीय मासूम बच्ची पतंग लूटने के प्रयास में 11,000 वोल्ट की हाई-वोल्टेज बिजली की तारों की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई। बच्ची के शरीर का एक हिस्सा करंट की चपेट में आने से बुरी तरह जल गया है। फिलहाल बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद कल्पना चावला मेडिकल अस्पताल में रेफर किया गया है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना उस समय हुई जब बच्ची छत पर अपने भाई के साथ खेल रही थी। बताया जा रहा है कि बिजली के तारों में एक पतंग फंसी हुई थी, जिसे उतारने के लिए बच्ची ने लोहे की एक लंबी रॉड का इस्तेमाल किया। जैसे ही लोहे की रॉड नंगी तारों के संपर्क में आई, एक जोरदार धमाका हुआ और बच्ची करंट के झटके से दूर जा गिरी। चश्मदीदों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि बच्ची के कपड़ों में आग लग गई और वह जोर-जोर से चीखने लगी।
पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बच्ची की मदद की और उसे अस्पताल पहुँचाया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुराना शहर और जुंडला गेट जैसे इलाकों में बिजली की तारें छतों के बेहद करीब से गुजर रही हैं और लगभग सभी तारें नंगी हैं। बारिश के मौसम में इन तारों से करंट फैलने का खतरा और भी बढ़ जाता है। जुंडला गेट क्षेत्र में घनी आबादी होने के कारण बच्चे अक्सर छतों पर खेलते हैं, जिससे ऐसे हादसों का डर हमेशा बना रहता है।
बच्ची का परिवार बेहद गरीब है और उसके माता-पिता दोनों दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। घटना के समय वे काम पर गए हुए थे। पड़ोसियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से अपील की है कि रिहाइशी इलाकों से गुजरने वाली इन नंगी तारों को कवर किया जाए या उन्हें ऊँचा किया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम की जान जोखिम में न पड़े। साथ ही, अभिभावकों से भी आग्रह किया गया है कि वे बच्चों को छतों पर अकेला न छोड़ें और बिजली के उपकरणों व तारों के प्रति सजग रहें।