करनाल के रामनगर इलाके में वसंत पंचमी के त्योहार के अगले दिन एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रोजाना की तरह दोपहर के समय अपने घर के पास टहलने निकली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला, संतोष, पास के एक स्कूल की छत से उड़ रही पतंग की चाइनीज डोर की चपेट में आ गईं। यह जानलेवा डोर उनके पैर में इस कदर फंसी कि उनकी मुख्य नस कट गई और वे वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ीं।
पीड़ित महिला ने बताया कि वह बच्चों को पतंग न उड़ाने के लिए रोक रही थीं, तभी डोर उनकी सलवार और जुराबों को काटती हुई सीधे पैर में धंस गई। नस कटने के कारण इतना खून बहा कि आसपास का फर्श पूरी तरह भर गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन रक्तस्राव न रुकने के कारण उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका आपातकालीन ऑपरेशन करना पड़ा। ऑपरेशन के दौरान उनके मांस के अंदर से डोर के कई टुकड़े निकाले गए।
चिकित्सकों के अनुसार, बुजुर्ग महिला की टेंडन इंजरी काफी गंभीर है और उन्हें कम से कम दो महीने तक बेड रेस्ट पर रहना होगा। इस उम्र में ऐसे गहरे जख्मों को भरने में काफी समय लगता है, जिससे उनकी पूरी जीवनशैली प्रभावित हो गई है। अस्पताल में भर्ती एक अन्य मामले में तो मरीज की ब्लड सप्लाई वाली नसें तक कट गई थीं, जो जानलेवा साबित हो सकती थी।
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की सख्ती और चाइनीज डोर पर लगे प्रतिबंध के दावों की पोल खोल दी है। पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी रोष है। उनका कहना है कि जब सरकार ने इस डोर पर प्रतिबंध लगा रखा है, तो यह बाजारों में इतनी आसानी से कैसे उपलब्ध है? हालांकि पुलिस समय-समय पर चेकिंग का दावा करती है, लेकिन हकीकत में यह जानलेवा डोर आज भी युवाओं के हाथों में है, जो बेगुनाह लोगों और पक्षियों के लिए काल बन रही है। शहर में इस सीजन में अब तक ऐसे तीन बड़े मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें एक पुलिसकर्मी और एक अन्य बुजुर्ग भी शामिल हैं।