हरियाणा के करनाल शहर में आज भक्ति और श्रद्धा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। दिव्य पाल नगर में माँ ज्वाला के भव्य मंदिर की स्थापना की खुशी में एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण माँ ज्वाला की दिव्य पालकी रही, जिसे फूलों और रोशनी से विशेष रूप से सजाया गया था। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और पूरा शहर “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा।
शोभा यात्रा का नेतृत्व गुरु माँ सीमा देवा ने किया, जिन्हें भक्त माँ ज्वाला की अनन्य सेवादार मानते हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि गुरु माँ के मार्गदर्शन में ही शहर में माँ ज्वाला की अखंड ज्योति स्थापित हुई है। भक्तों का मानना है कि जो लोग हिमाचल की पहाड़ियों तक जाने में असमर्थ हैं, वे अब करनाल के ही दिव्य पाल नगर में माँ के साक्षात दर्शन कर सकते हैं। शोभा यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और युवा पारंपरिक धुनों पर नाचते हुए माँ की भक्ति में लीन नजर आए।
धार्मिक आयोजन के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बचाकर अपनी जड़ों और ईश्वर की भक्ति से जोड़ना अनिवार्य है। श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि माँ की भक्ति ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है और वे इस भव्य मंदिर के निर्माण को शहर के लिए एक बड़ा सौभाग्य मानते हैं।
शोभा यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए जलपान और पुष्प वर्षा की व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य घर-घर में भक्ति की ज्योति जलाना और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है। देर शाम मंदिर परिसर में महाआरती के साथ इस शोभा यात्रा का समापन हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने भाग लेकर माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया।