करनाल में सरकारी विकास कार्यों में चल रही धांधली का एक बड़ा मामला सामने आया है। सेक्टर-8 में चल रहे एक निर्माण कार्य में ठेकेदार की मनमानी और भ्रष्टाचार की पोल स्थानीय जागरूक नागरिकों ने खोल दी। यहां जिमखाना क्लब के पास एक पार्क में वॉकिंग ट्रैक बनाने का काम चल रहा था, लेकिन ठेकेदार ने इसमें सीमेंट का इस्तेमाल ही नहीं किया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब सेक्टर-8 निवासी एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी और अन्य वरिष्ठ नागरिकों ने निर्माण सामग्री की जांच की।
रिटायर्ड फौजी अधिकारी दर्शन सिंह आलूवालिया और उनके साथियों ने देखा कि ट्रैक के बेस के लिए जो सामग्री डाली गई थी, उसमें सीमेंट नदारद था। उनका कहना था कि दो दिन पहले बारिश हुई थी, अगर मिश्रण में थोड़ा सा भी सीमेंट होता, तो वह अब तक जम चुका होता। लेकिन मौके पर पड़ी सामग्री केवल रेत और रोड़ी थी, जो हाथ लगाते ही बिखर रही थी। इतना ही नहीं, मौके पर सीमेंट का एक भी खाली कट्टा तक मौजूद नहीं था, जो यह साबित करता है कि ठेकेदार ने पूरी तरह से सीमेंट बचाने की कोशिश की थी।
जब स्थानीय लोगों ने इस घटिया निर्माण को देखा, तो उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत नगर निगम के अधिकारियों और मेयर से की। दर्शन सिंह ने बताया कि उन्होंने संबंधित जेई (जूनियर इंजीनियर) और मेयर को फोन कर स्थिति से अवगत कराया। शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तुरंत प्रभाव से काम रुकवा दिया गया। ठेकेदार को निर्देश दिए गए कि वह दोबारा सही सामग्री और सीमेंट लेकर आए, तभी काम आगे बढ़ेगा।
स्थानीय निवासियों ने इस घटना को भ्रष्टाचार का एक जीता-जागता उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों के लिए भरपूर पैसा भेजती है, लेकिन ठेकेदार और कुछ भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत से जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार अक्सर एक फर्म ब्लैकलिस्ट होने पर परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम से टेंडर ले लेते हैं और घटिया काम जारी रखते हैं।
जागरूक नागरिकों ने समाज को एक संदेश भी दिया है। उनका कहना है कि चुने हुए जनप्रतिनिधि हर जगह मौजूद नहीं हो सकते, इसलिए यह आम जनता की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर निगरानी रखें। यदि कहीं भी गलत काम होता दिखाई दे, तो तुरंत आवाज उठाएं और संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। सेक्टर-8 के निवासियों की इस पहल की अब पूरे शहर में सराहना हो रही है, जिन्होंने सतर्कता दिखाते हुए सरकारी पैसे की बर्बादी को रोका और गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित कराया।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जाएगी और अब यह काम पूरी तरह से मानकों के अनुसार ही पूरा किया जाएगा। यह घटना एक सबक है कि जनता की जागरूकता ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगा सकती है।