January 25, 2026
25 Jan 7

करनाल के प्रतिष्ठित बीनस्टॉक स्कूल (Beanstalk School) में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। स्कूल की तीनों शाखाओं—मॉडल टाउन, सेक्टर 32 और सेक्टर 33—में उत्सव की धूम रही। इस अवसर पर स्कूल परिसर को तिरंगे की थीम पर बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया था, जो वहां प्रवेश करते ही देशभक्ति का एहसास करा रहा था।

समारोह का मुख्य आकर्षण नन्हे-मुन्ने बच्चे रहे, जो विभिन्न स्वतंत्रता सेनानियों की वेशभूषा में नजर आए। कोई बच्चा भगत सिंह बनकर इंकलाब का नारा बुलंद कर रहा था, तो कोई रानी लक्ष्मीबाई के रूप में वीरता का परिचय दे रहा था। कुछ बच्चों ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस का रूप धरकर उनके विचारों को साझा किया। इन नन्हे देशभक्तों को देखकर ऐसा लग रहा था मानो इतिहास के पन्ने फिर से जीवित हो उठे हों।

कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति गीतों और कविताओं से हुई। ऋतिका, गुड़ीशा और ज्ञान जैसे छात्रों ने अपनी ओजस्वी वाणी में कविताओं और भाषणों के माध्यम से देश के वीरों को श्रद्धांजलि दी। ऋतिका ने “चलो चलें उस राह पर जो वतन की शान है” कविता सुनाकर सबका मन मोह लिया। वहीं, गुड़ीशा ने अंग्रेजी में एक सुंदर कविता के माध्यम से तिरंगे और सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। ज्ञान ने गणतंत्र दिवस के महत्व और 1950 में संविधान लागू होने के इतिहास पर प्रकाश डाला।

स्कूल की शिक्षिका नंदिनी मैम ने बताया कि बीनस्टॉक स्कूल में हर त्योहार को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा, “आज बच्चे फ्रीडम फाइटर्स के अटायर में आए हैं ताकि वे समझ सकें कि हमारे देश को आजादी दिलाने में इन महानायकों का कितना बड़ा योगदान था।” स्कूल में आर्ट एंड क्राफ्ट की गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिसमें बच्चों ने राष्ट्रीय पक्षी मोर (Peacock) और तिरंगा झंडा बनाया। इसके अलावा, छात्रों के ज्ञानवर्धन के लिए एक विशेष क्विज़ प्रतियोगिता भी रखी गई, जिसका उद्देश्य उन्हें संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में जानकारी देना था।

बीनस्टॉक कैसल की ब्रांच हेड अदिति मैम ने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह दिन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हर भारतीय के लिए एक भावना (Emotion) है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्कूल का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास (Holistic Development) करना है। यही कारण है कि अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे भविष्य के लीडर बनें, इसलिए हम उन्हें मंच पर प्रदर्शन करने का हर संभव अवसर देते हैं ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े।”

इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन ने जानकारी दी कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तीनों शाखाओं में प्रवेश (Admissions) शुरू हो चुके हैं। इच्छुक अभिभावक स्कूल की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या स्कूल का दौरा कर सकते हैं। समारोह का समापन बच्चों द्वारा “जय हिंद” के उद्घोष और राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया।

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