खेलों की दुनिया में हरियाणा का नाम हमेशा से अग्रिम पंक्ति में रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, राज्य के 25 होनहार खिलाड़ी नेशनल गेम्स में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए तैयार हैं। आज करनाल से इन खिलाड़ियों का एक दल हैदराबाद में आयोजित होने वाली नेशनल सीनियर ‘मुवाथाई’ चैंपियनशिप के लिए रवाना हुआ। इन खिलाड़ियों में पूरे हरियाणा से चुने गए 11 लड़कियां और 14 लड़के शामिल हैं, जो पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए करनाल के कर्ण स्टेडियम में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बीजेपी के जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर और गुलाब सैनी, कमल सैनी उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों को बुके भेंट कर और स्पोर्ट्स किट वितरित कर उनका जोरदार स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। खिलाड़ियों में उत्साह देखते ही बन रहा था और वे अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आए।
बीजेपी जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे सभी पहले से ही विजेता हैं क्योंकि वे कड़ी मेहनत और अभ्यास के बाद इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “आप सभी यहां से जीत का संकल्प लेकर जाएं। हरियाणा सरकार पिछले 11 वर्षों से खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, चाहे वह नायब सिंह सैनी का नेतृत्व हो या पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का। इसी का परिणाम है कि आज हरियाणा के खिलाड़ी देश-विदेश में सबसे ज्यादा मेडल ला रहे हैं।”
गुलाब सैनी ने भी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और कहा कि आज लड़कियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने खुशी जताई कि इस दल में 11 लड़कियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज लड़कियों को लड़कों के समान ही अवसर और ‘एक्सपोज़र’ मिल रहा है, और अक्सर वे लड़कों से ज्यादा मेडल जीतकर लाती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से वादा किया कि जब वे मेडल जीतकर लौटेंगे, तो उनका फिर से भव्य स्वागत किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति और खेलों में डोपिंग के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अतिथियों ने जोर देकर कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास के लिए जरूरी हैं, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने का सबसे सशक्त माध्यम भी हैं। प्रवीण लाठर ने बताया कि अब खेलों में डोप टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है ताकि खिलाड़ी गलत रास्ते पर न जाएं। उन्होंने कहा, “अगर हम खिलाड़ी बनाकर उन्हें टीके लगाकर खेलने के लिए प्रेरित करते हैं, तो हम उन्हें नशे की तरफ धकेल रहे हैं। इसलिए, नशे से बचने के लिए खेलों में शुचिता बहुत जरूरी है।” उन्होंने बताया कि हरियाणा में आज 4000 से ज्यादा स्पोर्ट्स नर्सरी चल रही हैं, जो सरकार की खेल नीति की सफलता का प्रमाण है।
खिलाड़ियों ने भी इस मौके पर अपने अनुभव साझा किए। फरीदाबाद की रहने वाली एक खिलाड़ी, जिसने पहले भी नेशनल गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है, ने बताया कि वह पिछले तीन साल से प्रैक्टिस कर रही है। उसने अपने कोच और सरकार द्वारा मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। एक अन्य खिलाड़ी भूमिका ने कहा, “मुवाथाई अब हमारा पसंदीदा खेल बन चुका है। यह मार्शल आर्ट्स हमें आत्मरक्षा के साथ-साथ अनुशासन भी सिखाता है। हमें बहुत गर्व है कि हमें इतना बड़ा मंच मिल रहा है।”
खिलाड़ियों का यह दल पहले करनाल से दिल्ली जाएगा और वहां से ट्रेन द्वारा हैदराबाद के लिए रवाना होगा। उनके साथ उनके कोच और टीम मैनेजर भी जा रहे हैं। सभी खिलाड़ियों को जूते और ट्रैक सूट जैसी जरूरी खेल सामग्री (किट) वितरित की गई, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया। विदाई के समय माहौल ऊर्जा और सकारात्मकता से भरा हुआ था, और सभी की जुबां पर बस एक ही बात थी – “मेडल जीतकर ही लौटना है।”