January 20, 2026
20 Jan 7
  • रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर न होने से बुजुर्ग और दिव्यांग ट्रैक पार करने को मजबूर हैं।
  • हाल ही में एक 50 वर्षीय व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से दुखद मृत्यु हुई।
  • स्थानीय नागरिकों ने सरकार और सांसद से एस्केलेटर व लिफ्ट लगवाने की मांग की है।
  • जीआरपी पुलिस ने यात्रियों से जान जोखिम में डालकर ट्रैक न पार करने की अपील की।

हरियाणा के करनाल रेलवे स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की कमी यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। स्टेशन पर एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) और लिफ्ट की सुविधा न होने के कारण कई यात्री प्लेटफॉर्म बदलने के लिए लंबी और ऊँची सीढ़ियां चढ़ने के बजाय रेलवे ट्रैक पार करने का खतरनाक रास्ता चुनते हैं। इसी लापरवाही और मजबूरी के चलते स्टेशन पर आए दिन दर्दनाक हादसे हो रहे हैं।

हाल ही में न्यू प्रीतम नगर के रहने वाले एक 50 वर्षीय व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति को काम के सिलसिले में दिल्ली जाना था और ट्रैक पार करते समय वह तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की जांच अधिकारी के अनुसार, घायल अवस्था में व्यक्ति ने अपना विवरण साझा किया था, लेकिन अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। यह घटना स्टेशन पर सुरक्षा और सुविधाओं के अभाव को एक बार फिर उजागर करती है।

स्थानीय निवासियों और नियमित यात्रियों का कहना है कि 50-60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों या घुटनों की तकलीफ से जूझ रहे मरीजों के लिए स्टेशन की ऊँची सीढ़ियां चढ़ना लगभग असंभव होता है। भारी सामान के साथ सफर करने वाले यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक स्थानीय बुजुर्ग ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि वे सेवा भाव से स्टेशन आते हैं, लेकिन सीढ़ियों के अभाव में उन्हें प्लेटफॉर्म बदलने के लिए ऑटो का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद से मांग की है कि मॉल और मेट्रो स्टेशनों की तर्ज पर यहाँ भी एस्केलेटर और लिफ्ट लगवाई जाए।

जीआरपी पुलिस ने यात्रियों से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार न करें और हमेशा पुल का उपयोग करें। प्रशासन और सरकार से भी बार-बार यह मांग की जा रही है कि करनाल जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन स्टेशन पर एस्केलेटर की मांग अब एक जन-आंदोलन का रूप लेती जा रही है।

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