करनाल के इंद्री क्षेत्र स्थित रंबा नहर से बीते दिन बरामद हुए अज्ञात व्यक्ति के शव की शिनाख्त हो गई है। मृतक की पहचान करनाल के दहा गांव निवासी 48 वर्षीय देवेंद्र कुमार के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर और हुलिए के आधार पर परिजनों ने कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी हाउस पहुंचकर शव की पहचान की। इस हृदयविदारक घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, देवेंद्र कुमार पेशे से दिहाड़ी मजदूर थे और कभी-कभी वाहन चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ी बेटी की उम्र लगभग 17-18 साल है। पिछले काफी समय से देवेंद्र को नियमित काम नहीं मिल पा रहा था, जिसके चलते वे भारी आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे। तीन बच्चों की परवरिश और भविष्य की चिंता उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रही थी। बताया जा रहा है कि इसी तनाव के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कल रंबा नहर के पास एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में देखा गया था, जो कभी पानी के अंदर जा रहा था तो कभी बाहर आ रहा था। शोर मचाने पर गोताखोर प्रगट सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें पानी से बाहर निकाला। हालांकि उन्हें बचाने के लिए सीपीआर (CPR) भी दिया गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। सूचना मिलने पर डायल 112 और रंबा चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया था।
आज देवेंद्र का परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जाएगा। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि कैसे बेरोजगारी और आर्थिक अभाव एक व्यक्ति को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर देते हैं। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं से अक्सर ऐसी स्थितियों में काउंसलिंग और सहायता की अपील की जाती है, ताकि किसी और परिवार का चिराग इस तरह न बुझे।