January 20, 2026
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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन को मंगलवार को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया. वे जगत प्रकाश नड्डा की जगह इस उच्च पद पर पहुंचे हैं. यह नियुक्ति उस व्यापक आंतरिक चयन प्रक्रिया का परिणाम है, जो सबसे निचले स्तर से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची थी.

45 वर्षीय नितिन नबीन की नियुक्ति को BJP की संगठनात्मक मजबूती और आगामी अहम राज्य चुनावों (बंगाल, तमिलनाडु, असम और उत्तर प्रदेश) और 2029 के संघीय चुनाव से पहले पीढ़ीगत बदलाव पर जोर का संकेत माना जा रहा है. पार्टी सूत्रों ने यह भी कहा कि नबीन की नियुक्ति का एक उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के 84 वर्षीय वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व से स्पष्ट तौर पर अलग दिखना भी है.

नितिन नबीन कौन हैं?

बीजेपी के भीतर के लोग, खासकर वे जो उनके साथ काम कर चुके हैं, उन्हें मेहनती, राजनीतिक रूप से जिज्ञासु और पार्टी प्रथम मानसिकता वाले व्यक्ति के रूप में बताते हैं. उन्हें जमीन से जुड़ा, सुलभ और ‘समन्वय’ के व्यक्ति के रूप में देखा जाता है.

उनकी जातिगत पहचान कायस्थ समुदाय से होने के कारण भी उनके पक्ष में मानी गई क्योंकि यह समुदाय राजनीतिक रूप से तटस्थ माना जाता है और अन्य समूहों के साथ टकराव में नहीं आता.

अनुभव और संगठनात्मक साख

नबीन की नियुक्ति केवल शीर्ष नेतृत्व के बीच विचारधारा की समानता सुनिश्चित करने के लिए नहीं है. 45 वर्ष की उम्र के बावजूद उनके पास लगभग दो दशक का संगठनात्मक अनुभव है. वे बिहार में पार्टी के युवा संगठन से शुरुआत करके चुनावी जिम्मेदारियों को निभाते हुए आगे बढ़े. इनमें एक अहम काम छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को पीछे कर बीजेपी को राज्य में सत्ता में वापस लाना भी शामिल है.

बिहार में रह चुके हैं मंत्री

वे पांच बार विधायक रह चुके हैं, 2006 में बिहार की अब समाप्त हो चुकी पटना वेस्ट सीट से जीत दर्ज की और उसके बाद लगातार चार बार बैंकिपुर से जीत हासिल की. उन्हें मंत्री के रूप में भी अनुभव है। उन्होंने बिहार के कानून, रोडवेज और शहरी विकास विभागों की जिम्मेदारी थोड़े समय के लिए संभाली थी. पार्टी स्तर पर उनके अनुभव में बीजेपी के युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और संगठन के बिहार इकाई के अध्यक्ष के पद शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ की जादुई जीत

2023 में नितिन नबीन को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी की कमान सौंपा गया. उस समय कांग्रेस, भूपेश बघेल के नेतृत्व में मजबूत स्थिति में मानी जा रही थी और अधिकांश सर्वेक्षणों में कांग्रेस की जीत की भविष्यवाणी की जा रही थी. लेकिन नबीन के नेतृत्व में BJP ने स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल की.

राजनीतिक विश्लेषकों ने इसके पीछे व्यापक कार्ययोजना, संगठनात्मक पुनर्गठन और सूक्ष्म स्तर पर समन्वय को सफलता का कारण बताया. यह संगठनात्मक दक्षता नबीन के नए पद में भी सामने आएगी, क्योंकि बीजेपी पहले से ही मजबूत जमीनी मंच रखती है और अब वह ऐतिहासिक चौथी बार लगातार लोकसभा जीत की योजना बना रही है.

दिल्ली चुनाव में भी निभाई अहम भूमिका

शायद बिहार में उनकी अपनी जीत से ज्यादा, छत्तीसगढ़ अभियान ने उन्हें BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की राह पर आगे बढ़ाया क्योंकि इसने कठिन राजनीतिक चुनौतियों को पूरा करने की उनकी क्षमता को दिखाया और बीजेपी अध्यक्ष बनना अपने आप में सबसे कठिन जिम्मेदारियों में से एक माना जाता है. इसके अलावा नबीन ने दिल्ली में बीजेपी को सत्ता में वापस लाने में भी अहम भूमिका निभाई, जिससे लगभग तीन दशक बाद राजधानी में बीजेपी की राजनीतिक पकड़ मजबूत हुई।

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