- अज्ञात तत्वों ने रात के अंधेरे में खुदाई कर BSNL की मुख्य केबल काट दी।
- मॉडल टाउन और मिनी सचिवालय क्षेत्र में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बुरी तरह प्रभावित।
- डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवाएं भी बाधित, लोगों को संपर्क करने में हो रही मुश्किल।
- बिना सूचना निजी कंपनी द्वारा खुदाई की आशंका, BSNL की टीम मरम्मत में जुटी।
करनाल में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा की गई खुदाई ने पूरे शहर की संचार व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। शहर के एक व्यस्त इलाके में जमीन के नीचे दबी BSNL की मुख्य केबल को काट दिया गया, जिसके कारण मॉडल टाउन और मिनी सचिवालय (लघु सचिवालय) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सिग्नल पूरी तरह गायब हो गए हैं। इस लापरवाही के कारण न केवल आम जनता, बल्कि सरकारी कामकाज और आपातकालीन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही BSNL के तकनीकी अधिकारियों और अन्य टेलीकॉम कंपनियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जांच में पाया गया कि रात के करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच किसी भारी मशीन (JCB आदि) के जरिए लगभग 10-12 फीट लंबा गड्ढा खोदा गया था। खुदाई करने वालों ने अपना काम पूरा करने के बाद मिट्टी को वापस समतल कर दिया ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, इस दौरान उन्होंने BSNL की उस मुख्य केबल को क्षतिग्रस्त कर दिया जो मुख्य टेलीफोन एक्सचेंज को मॉडल टाउन एक्सचेंज से जोड़ती है।
BSNL के अधिकारियों के अनुसार, इस केबल के कटने से मिनी सचिवालय की कनेक्टिविटी पूरी तरह टूट गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि पुलिस की आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’ भी BSNL के नेटवर्क से जुड़ी होती है, जिसके चलते लोग इमरजेंसी में पुलिस से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि विभाग ने वैकल्पिक ‘रिंग सिस्टम’ के जरिए कुछ कनेक्टिविटी बहाल की है, लेकिन जब तक कटी हुई केबल की पूरी तरह मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक सेवाएं सुचारू नहीं हो सकेंगी।
मौके पर मौजूद अन्य निजी कंपनियों जैसे वोडाफोन, आइडिया और टाटा के प्रतिनिधियों ने भी अपनी केबलों की जांच की। दूरसंचार विभाग के नियमों के अनुसार, किसी भी तरह की अंडरग्राउंड खुदाई से पहले संबंधित विभागों को सूचित करना अनिवार्य होता है ताकि दूसरी कंपनियों की सेवाओं को नुकसान न पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि किसी निजी कंपनी ने संभवतः बिना अनुमति और बिना सूचना के यह खुदाई की है। फिलहाल, विभाग ने मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से दोषियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।