करनाल की दानवीर राजा कर्ण की धरती से आस्था और सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला है। नगर के रामनगर क्षेत्र से युवा सामाजिक संस्था द्वारा श्री हरमंदिर साहिब (अमृतसर) के दर्शन के लिए एक विशेष बस सेवा का शुभारंभ किया गया। इस धार्मिक यात्रा को करनाल के विधायक जगमोहन आनंद ने विधिवत रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया और पूरा वातावरण ‘बोले सो निहाल’ के जयकारों से गूंज उठा।
यह बस यात्रा पूरी तरह से निःशुल्क है, जिसमें लगभग 40 से 45 श्रद्धालु सवार होकर अमृतसर के लिए निकले हैं। तीन दिवसीय इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के रहने और खाने-पीने का पूरा प्रबंध संस्था द्वारा किया गया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु न केवल स्वर्ण मंदिर में माथा टेकेंगे और लंगर प्रसाद ग्रहण करेंगे, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों और भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित बाघा बॉर्डर का भी दीदार करेंगे। विधायक जगमोहन आनंद ने श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी सकुशल यात्रा की कामना करते हुए कहा कि ऐसी सेवाभावी संस्थाएं समाज और सरकार का निरंतर सहयोग कर रही हैं।
विधायक ने रामनगर क्षेत्र के निवासियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मेहनतकश लोगों की बस्ती है जिन्होंने विभाजन के कठिन समय के बाद संघर्ष कर अपने पैरों पर खड़े होकर समाज को नई दिशा दी है। आज उनकी नई पीढ़ी धर्म और समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। विधायक ने कहा कि धार्मिक स्थलों की यात्रा कराना और संगत की सेवा करना अत्यंत पुण्य का कार्य है और वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें इस पावन यात्रा को रवाना करने का अवसर मिला।
युवा सामाजिक संस्था के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि उनकी संस्था पिछले डेढ़-दो वर्षों से लगातार विभिन्न सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय है। इससे पूर्व संस्था द्वारा माता की चौकी, रक्तदान शिविर और जरूरतमंद बच्चों को शैक्षणिक सामग्री प्रदान करने जैसे कार्य किए गए हैं। हरमंदिर साहिब के लिए बस सेवा की यह पहली पहल है, जिसे भविष्य में भी निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया है। श्रद्धालुओं की यह टोली 21 तारीख को अमृतसर और बाघा बॉर्डर के दर्शन कर वापस करनाल लौटेगी। इस मौके पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति और पार्षद भी उपस्थित रहे, जिन्होंने संस्था के इस प्रयास को धर्म और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।