January 19, 2026
19 Jan 5

करनाल के नेशनल हाईवे-44 पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। घरौंडा स्थित बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर अब जल्द ही ऐसी तकनीक लागू होने जा रही है, जिसके बाद वाहनों को टोल देने के लिए लंबी कतारों में रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। भारत सरकार द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर करनाल और गुजरात में ‘ओवरहेड मल्टीलेन फ्री फ्लो सिस्टम’ (MLFF) स्थापित किया जा रहा है, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि टोल पर लगने वाले भारी जाम से भी पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा।

इस नई प्रणाली के तहत टोल प्लाजा पर लगे पुराने बूथ और बैरियर हटा दिए जाएंगे। वर्तमान में यहाँ ओवरहेड सिस्टम और गंट्री लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इस सिस्टम में चार प्रमुख हाई-टेक डिवाइसेस लगाए गए हैं: फास्टटैग स्कैनर, नंबर प्लेट रीडर कैमरा, लेजर कैमरा और वीडियो रिकॉर्डर। यह सिस्टम इतना उन्नत है कि जब कोई वाहन अपनी सामान्य गति से इन कैमरों के नीचे से गुजरेगा, तो वह तुरंत फास्टटैग को स्कैन कर लेगा और वाहन की नंबर प्लेट का विवरण दर्ज कर लेगा। कुछ ही दूरी तय करने के बाद चालक के मोबाइल पर टोल कटने का संदेश प्राप्त हो जाएगा।

प्रशासन के अनुसार, इस तकनीक में सटीकता का विशेष ध्यान रखा गया है। अक्सर देखा जाता है कि भीड़ या जाम का फायदा उठाकर कुछ वाहन बिना टोल दिए निकलने का प्रयास करते हैं, लेकिन यह नया सिस्टम 100% एक्यूरेसी के साथ काम करेगा। इसके अलावा, यदि कोई वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करता है या यातायात नियमों को तोड़ता है, तो लेजर और वीडियोग्राफी कैमरे उस उल्लंघन को दर्ज कर लेंगे और टोल शुल्क के साथ-साथ ऑनलाइन चालान भी सीधे चालक के मोबाइल पर भेज दिया जाएगा।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की इस पहल से सड़क सुरक्षा में भी सुधार होने की संभावना है, क्योंकि टोल के आसपास जाम की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं के आंकड़ों में कमी आएगी। जानकारी के अनुसार, इस सिस्टम को 26 जनवरी तक पूरी तरह से इंस्टॉल कर दिया जाएगा, जिसके बाद इसके ट्रायल शुरू होंगे। यह पहल करनाल वासियों और इस हाईवे से गुजरने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात साबित होगी, जिससे उनका सफर तेज, सुगम और बाधा रहित हो जाएगा।

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