करनाल स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय ‘करण कमल’ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान हरियाणा प्रदेश महामंत्री अर्चना गुप्ता ने केंद्र सरकार द्वारा ‘वीबी जी राम जी’ (पूर्व में मनरेगा) योजना में किए गए क्रांतिकारी बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने और गरीब, शोषित व वंचित वर्ग को आर्थिक मजबूती प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगी।
योजना के मुख्य लाभों को रेखांकित करते हुए श्रीमती गुप्ता ने कहा कि अब मजदूरों को साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, खेती के व्यस्त समय (बुवाई और कटाई) के दौरान मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 60 विशेष दिनों का प्रावधान किया गया है, जिससे कुल रोजगार 185 दिनों तक पहुंच सकता है। वन्य क्षेत्रों में रहने वाले एसटी समाज के मजदूरों को 25 दिन का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाते हुए अब एक सप्ताह के भीतर सीधे मजदूरों के बैंक खातों में ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के माध्यम से पैसा जमा कराया जाएगा।
योजना में पारदर्शिता लाने के लिए अब मजदूरों की बायोमेट्रिक हाजिरी, जियो टैगिंग और वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी गई है, जिससे भ्रष्टाचार और पुराने घोटालों पर अंकुश लगेगा। योजना को ‘पीएम गतिशक्ति’ और ग्राम पंचायतों के माध्यम से चार प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ा गया है: जल संरक्षण (तालाबों का सुदृढ़ीकरण), गांव का विकास (स्कूल, नाली, अस्पताल निर्माण), आजीविका मिशन (स्वयं सहायता समूहों के लिए बुनियादी ढांचा) और जलवायु संरक्षण (वृक्षारोपण)।
विपक्ष द्वारा नाम बदलने को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए अर्चना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने खुद इस योजना का नाम चार बार बदला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कानून में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं, तो नाम बदलना भी स्वाभाविक है। योजना के बजट पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 17,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। अब बजट का हिस्सा केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में होगा, जिससे राज्य सरकारें भी योजना की निगरानी और क्रियान्वयन के प्रति अधिक जवाबदेह होंगी। उन्होंने अंत में कहा कि यह बिल केवल और केवल मजदूरों के हित और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।