करनाल में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच मानवता की एक अनुपम मिसाल देखने को मिल रही है। जहाँ लोग इस जमा देने वाली ठंड में अपने घरों में दुबके हुए हैं, वहीं एक परिवार अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए पिछले कई वर्षों से कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के बाहर जरूरतमंदों की सेवा में जुटा है। यह परिवार प्रतिदिन रात के समय अस्पताल के बाहर आकर मरीजों और उनके तीमारदारों को गर्म चाय, बिस्किट, बंद और समय-समय पर खिचड़ी व दलिया जैसे पौष्टिक आहार का वितरण करता है।
इस सेवा कार्य की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें परिवार की तीन पीढ़ियां एक साथ शामिल हैं। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे अपने माता-पिता के साथ आकर इस नेक काम में हाथ बँटाते हैं। बच्चों का कहना है कि वे कई वर्षों से यहाँ आ रहे हैं और उन्हें दूसरों की मदद करके बहुत खुशी मिलती है। परिवार के सदस्यों का मानना है कि समाज ने हमें बहुत कुछ दिया है, इसलिए यह हमारा कर्तव्य है कि हम भी समाज के प्रति अपना योगदान दें।
गुरु नानक सेवा सोसाइटी और सत्य फाउंडेशन के माध्यम से संचालित यह सेवा वर्ष 2015 से लगातार जारी है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी इस समूह ने सक्रिय रूप से लोगों के घरों तक भोजन पहुँचाने का कार्य किया था। वर्तमान में, ये सेवादार रात 9:00 बजे से 10:00 बजे तक अस्पताल के बाहर अपनी सेवाएं देते हैं। यहाँ आने वाले अधिकांश मरीज और उनके परिजन दूर-दराज के इलाकों जैसे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अन्य जिलों से आते हैं, जिनके लिए रात के समय भोजन या चाय की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती होती है।
सेवादारों ने इस दौरान अपनी एक प्रमुख समस्या को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें अस्पताल परिसर के अंदर बैठने की अनुमति थी, जहाँ वे आईपीडी वार्ड के नजदीक मरीजों तक आसानी से सेवा पहुँचा पाते थे। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से प्रशासन द्वारा उन्हें अस्पताल के गेट के बाहर बैठने के निर्देश दिए गए हैं। गेट के बाहर होने के कारण कई जरूरतमंद मरीज और उनके परिजन सेवा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, क्योंकि ठंड में मरीज को अकेला छोड़कर इतनी दूर आना उनके लिए कठिन होता है।
समूह ने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से हाथ जोड़कर अपील की है कि उन्हें अस्पताल परिसर के अंदर एक छोटा सा कोना उपलब्ध कराया जाए, ताकि इस भीषण सर्दी में अधिक से अधिक लोगों तक सहायता पहुँच सके। साथ ही, उन्होंने समाज के अन्य संपन्न परिवारों से भी इस मुहिम में जुड़ने और निस्वार्थ भाव से सहयोग करने का आह्वान किया है ताकि मानवता की यह लौ निरंतर जलती रहे।