करनाल में नेशनल हाईवे पर एक बार फिर ओवरलोड वाहनों का कहर देखने को मिला, जहाँ भूसे से भरी एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक कार को बुरी तरह कुचल दिया। यह हादसा इतना भीषण था कि कार के एक तरफ का पूरा हिस्सा लोहे के मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद लोगों और एक सजग पत्रकार की त्वरित कार्रवाई के कारण कार में सवार छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत पूरे परिवार की जान बचा ली गई। हालांकि, परिवार के कई सदस्यों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज स्थानीय सिविल अस्पताल में चल रहा है।
हादसे का शिकार हुआ परिवार एक शादी समारोह में शिरकत करने जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूसे से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली न केवल ओवरलोड थी, बल्कि चालक उसे बेहद लापरवाही और बदतमीजी से चला रहा था। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे काफी देर से हॉर्न बजाकर साइड मांग रहे थे, लेकिन चालक ने जगह नहीं दी और अचानक ओवरटेक करने की कोशिश में कार को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का दरवाजा और लोहे की बॉडी ट्रॉली में फंसकर चीरती हुई चली गई। कार की स्थिति देखकर यह विश्वास करना मुश्किल था कि इसके भीतर सवार लोग जीवित बच पाए होंगे।
सड़क पर मची चीख-पुकार के बीच वहां से गुजर रहे एक स्थानीय पत्रकार ने अपनी मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए तुरंत घायलों की मदद शुरू की। उन्होंने अन्य राहगीरों की सहायता से घायल महिलाओं और रोती हुई छोटी बच्ची को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला। एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय, पत्रकार ने स्वयं अपनी गाड़ी में घायलों को बिठाया और तुरंत करनाल के सरकारी अस्पताल पहुँचाया। इस दौरान घायल परिवार के सदस्य सदमे में थे, लेकिन सभी के सुरक्षित होने पर उन्होंने ईश्वर का आभार व्यक्त किया।
हादसे के बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस की डायल 112 की टीम और सब-इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत क्रेन बुलवाई ताकि सड़क के बीचों-बीच फंसी चकनाचूर कार को हटाया जा सके और यातायात सुचारू किया जा सके। कार के दरवाजे और अन्य हिस्से ट्रॉली के लोहे में बुरी तरह फंसे हुए थे, जिन्हें अलग करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
हाईवे पर भूसे और अन्य सामग्री से लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगातार काल का ग्रास बन रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि ये वाहन न तो साइड देते हैं और न ही यातायात नियमों का पालन करते हैं। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन इन पर अंकुश लगाने में विफल रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और ओवरलोडिंग की समस्या को सुर्खियों में ला दिया है। पीड़ित परिवार का कीमती सामान और आभूषण पुलिस की मौजूदगी में सुरक्षित रखवाए गए हैं। फिलहाल, अस्पताल में भर्ती घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन हादसे के खौफनाक मंजर ने उन्हें पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है।