शिमला की हसीन वादियों में संगीत और नृत्य का एक अनूठा संगम देखने को मिला है, जहाँ ऐतिहासिक मॉल रोड पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के उल्लास से सराबोर हो उठा। शहर में चल रहे उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष संगीत संध्या ने पूरे शिमला में जश्न जैसा माहौल पैदा कर दिया। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता हजारों लोगों की एक साथ सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने कड़ाके की ठंड के बावजूद जबरदस्त उत्साह दिखाया।
कार्यक्रम के दौरान जब सुप्रसिद्ध हिमाचली गीत “शिमले बसना जाना जरूर है” की स्वर लहरियां गूंजीं, तो मॉल रोड पर मौजूद पूरी भीड़ सुर में सुर मिलाकर गाने लगी। इसके साथ ही बॉलीवुड के लोकप्रिय गीतों जैसे “तू माने मेरी जान” और “बचपन का प्यार” ने माहौल में नया जोश भर दिया। संगीत की धुनों पर थिरकते लोगों का उत्साह और उनकी ऊर्जा ने पूरे वातावरण को खुशनुमा बना दिया।
भीड़ का उत्साह उस समय अपने चरम पर पहुँच गया जब गायक के एक आह्वान पर हजारों लोगों ने एक साथ अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जला दी। टिमटिमाती मोबाइल लाइटों के बीच नाचते-झूमते पर्यटकों ने शिमला की इस शाम को एक जादुई स्वरूप दे दिया। गायक ने कार्यक्रम के बीच-बीच में दर्शकों के साथ सीधा संवाद भी किया और उन्हें गीतों की पंक्तियों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। “तुमको बारिश पसंद है, मुझको बारिश में तुम” जैसे रूमानी गीतों पर युवाओं और परिवारों ने जमकर आनंद लिया।
इस शाम ने न केवल पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन किया, बल्कि शिमला की सांस्कृतिक जीवंतता और सामूहिक उल्लास की एक नई मिसाल भी पेश की। शिमला में आयोजित इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पर्यटकों ने खूब सराहना की है। मॉल रोड पर उमड़ी यह विशाल भीड़ इस बात का प्रमाण है कि शिमला अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपने जीवंत आयोजनों के लिए भी देश-दुनिया के पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। संगीत संध्या का यह सफल आयोजन देर रात तक जारी रहा, जिसमें हर कोई संगीत की मस्ती में डूबा नजर आया।