करनाल जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर इन दिनों भक्ति और सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। दशम पातशाह श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबजादों और माता गुजरी जी की महान शहादत को याद करते हुए जगह-जगह विशाल लंगर आयोजित किए जा रहे हैं। तरावड़ी के समीप हाईवे पर सेवादारों की टोलियां पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ इस सेवा कार्य में जुटी हुई हैं।
यह विशेष लंगर सेवा हर साल की तरह इस बार भी चार दिनों के लिए आयोजित की गई है। सेवादारों का कहना है कि यह आयोजन केवल भोजन वितरण नहीं है, बल्कि दुनिया को साहिबजादों के महान बलिदान से अवगत कराने का एक माध्यम भी है। हाईवे पर हर दो किलोमीटर की दूरी पर संगत द्वारा लंगर लगाए गए हैं, ताकि राहगीरों और जरूरतमंदों को प्रसाद मिल सके। लंगर में विशेष रूप से गरमा-गरम ब्रेड पकौड़े, मिक्स पकौड़े, कढ़ी-चावल, दाल-चावल, आलू-गाजर-मटर की सब्जी और चाय का वितरण किया जा रहा है।
स्थानीय सेवादारों और सोगड़ा गांव के प्रतिनिधियों ने बताया कि बाबा जोरावर सिंह जी, बाबा फतेह सिंह जी, बाबा अजीत सिंह जी और बाबा जुझार सिंह जी की शहादत सिख धर्म के गौरवपूर्ण इतिहास का प्रतीक है। विशेष रूप से छोटे साहिबजादों को ठंडे बुर्ज में रखकर दी गई यातनाओं और सरहिंद की दीवारों में चिनवाए जाने के इतिहास को याद कर संगत भावुक हो जाती है। सेवा में न केवल पुरुष, बल्कि महिलाएं और स्कूली बच्चे भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। कुछ बच्चों ने तो विशेष रूप से स्कूल से अवकाश लेकर सेवा कार्य में हाथ बंटाया है।
आयोजकों के अनुसार, यह लंगर 24 तारीख से शुरू हुआ था और 27 तारीख तक निरंतर 24 घंटे जारी रहेगा। यह किसी एक व्यक्ति या विशेष गांव का प्रयास नहीं है, बल्कि समस्त इलाका निवासियों और संगत के सामूहिक सहयोग से संभव हो पाया है। सेवादारों ने बाबा मोती राम मेहरा जी की कुर्बानी को भी याद किया, जिन्होंने मुगल शासन के जुल्मों के बावजूद साहिबजादों को दूध पिलाने की सेवा की थी।
हाईवे से गुजरने वाले सैकड़ों वाहन चालक और राहगीर इस लंगर में प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। सेवादारों का मानना है कि इन दिनों को बड़े प्यार और सत्कार के साथ मनाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां इस महान बलिदान और निस्वार्थ सेवा की भावना को समझ सकें। करनाल-दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर श्रद्धालुओं का यह अटूट लंगर और सेवा भाव सांप्रदायिक सद्भाव और मानवता की सेवा की मिसाल पेश कर रहा है।