करनाल जिले के निगदू गांव से एक अत्यंत विचलित करने वाली और हिंसक घटना सामने आई है, जहां आपसी कहासुनी के बाद कुछ हमलावरों ने दो सगे भाइयों और उनके एक पड़ोसी पर चाकुओं और गंडासियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से गांव में तनाव व्याप्त है और पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत मामूली गाली-गलौज से हुई थी। पीड़ित मां ने बताया कि उनका छोटा बेटा घर के बाहर था, तभी पड़ोस में रहने वाले कुछ युवकों ने उसे बेवजह गालियां देनी शुरू कर दीं। जब छोटे भाई ने इसकी शिकायत अपने बड़े भाई विक्रांत से की, तो विक्रांत उन युवकों को समझाने और पूछने गया कि वे उसके भाई को गाली क्यों दे रहे हैं। इसी दौरान, दूसरे पक्ष के 5-6 युवक, जो पहले से ही हथियारों से लैस थे, ने विक्रांत पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने विक्रांत के पेट में चाकुओं से कई वार किए, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
जब बीच-बचाव करने के लिए दूसरा भाई रुद्र और परिवार के अन्य सदस्य आए, तो बदमाशों ने उन पर भी गंडासियों से हमला कर दिया। इस दौरान छुड़ाने आए एक अन्य व्यक्ति के सिर पर भी गंडासी मारी गई। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। घायलों को तुरंत स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सहायता दिलाने के बाद करनाल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में विक्रांत की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि चाकू के वार पेट के काफी अंदर तक लगे हैं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है।
हैरानी और दुख की बात यह है कि पीड़ित परिवार पहले से ही एक शोक में था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि चार दिन पहले ही विक्रांत की दादी का निधन हुआ था और आज उनकी आत्मा की शांति के लिए ‘चौथे’ की रस्म चल रही थी। पूरा परिवार इस दुखद घड़ी में एक साथ था, तभी पड़ोसियों की इस गुंडागर्दी ने घर की खुशियां और चैन छीन लिया। मां ने रोते हुए बताया कि विक्रांत घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य है, जो लाडवा के एक शैलर में काम सीख रहा था और आज उसकी छुट्टी थी। उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि मामूली सी बात का अंत इस तरह की खूनी वारदात में होगा।
अस्पताल में मौजूद परिजनों और रिश्तेदारों ने पुलिस प्रशासन की ढीली कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि हमलावर पड़ोस के ही हैं और खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पूरे परिवार की जान को खतरा बना हुआ है। स्थानीय पार्षद और गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी अस्पताल पहुंचे और पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों का कहना है कि यदि इन बदमाशों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो इनके हौसले और बढ़ेंगे और भविष्य में वे अन्य बच्चों को भी निशाना बना सकते हैं।
फिलहाल, करनाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अस्पताल में घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। निगदू गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। यह घटना एक बार फिर समाज में बढ़ती असहिष्णुता और छोटी-छोटी बातों पर जानलेवा हमले करने की प्रवृत्ति को उजागर करती है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को अस्पताल की दहलीज पर ला खड़ा किया है।