हरियाणा के करनाल में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित शहर के सबसे भव्य और लोकप्रिय बैंकेट हॉल, ‘द अमानी फार्म्स’ में शनिवार को एक विनाशकारी अग्निकांड हुआ। यह बैंकेट हॉल करनाल के प्रतिष्ठित जैन परिवार के ‘द ईडन’ ग्रुप का हिस्सा है। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते करोड़ों रुपये की लागत से बना यह आलीशान रिसोर्ट खंडहर में तब्दील हो गया। गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस दिन वहां कोई शादी समारोह या बड़ा कार्यक्रम नहीं था, अन्यथा यह एक बड़ी जनहानि में बदल सकता था। हालांकि, इस अग्निकांड ने बैंकेट प्रबंधन को अपूरणीय आर्थिक क्षति पहुंचाई है।
घटना के समय मौजूद लोगों और बैंकेट के मालिकों ने इस आग के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई है। बैंकेट के मालिक सुशील जैन ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे, तो आग किसी एक हिस्से से नहीं, बल्कि हॉल के चारों कोनों से एक साथ भड़क रही थी। सामान्य तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी दुर्घटना की स्थिति में आग एक बिंदु से शुरू होकर फैलती है, लेकिन यहाँ चारों कोनों और किचन एरिया में एक साथ लपटें उठना किसी बड़ी शरारत या साजिश की ओर इशारा करता है। परिवार के अन्य सदस्यों और वहां मौजूद व्यापारियों ने भी इस बात पर जोर दिया कि 100 प्रतिशत यह किसी असामाजिक तत्व की करतूत हो सकती है, जिसकी गहनता से जांच होनी चाहिए।
अग्निकांड के दौरान दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। वहां मौजूद लोगों और परिवार के सदस्यों का कहना है कि आग लगने की सूचना तुरंत 112 और दमकल विभाग को दी गई थी, लेकिन गाड़ियां बहुत देरी से पहुंचीं। शुरुआत में केवल एक-दो गाड़ियां ही आईं, जो इतने बड़े हॉल की आग बुझाने के लिए नाकाफी थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी आरोप है कि दमकल के कुछ कर्मचारी तकनीकी रूप से प्रशिक्षित नहीं लग रहे थे और वे ठीक से उपकरणों का संचालन भी नहीं कर पा रहे थे। लोगों का गुस्सा इस बात पर भी था कि प्रशासन ने हाईवे के किनारे स्थित इतने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र क्यों नहीं विकसित किया है।
आग ने बैंकेट हॉल के भीतर लगे करोड़ों रुपये के सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम, आलीशान झूमर, फर्नीचर और डेकोरेशन के सामान को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। हॉल का विशालकाय शेड आग की तपिश और भीतर हुए धमाकों के कारण पूरी तरह से ढह गया। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालक भी सहम गए। सदर थाना के एसएचओ और डायल 112 की टीमें मौके पर पहुंचीं और भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाने की है। इसके बाद फॉरेंसिक टीमों द्वारा आग लगने के सही कारणों और साजिश के पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि किसी की संलिप्तता पाई गई, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस हादसे ने न केवल जैन परिवार को हिलाकर रख दिया है, बल्कि करनाल के व्यापारिक जगत में भी चिंता की लहर पैदा कर दी है। शहर के तमाम गणमान्य लोग और व्यापारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। ‘द अमानी फार्म्स’ अपनी खूबसूरती और सुविधाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन अब वहां केवल राख और धुएं के गुबार शेष हैं। प्रशासन को अब इस बात पर गंभीरता से विचार करना होगा कि भविष्य में ऐसे अग्निकांडों को रोकने और आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएं।
Ground Report By Kamal Midha