- तैराकी के खिलाडियों को नहीं मिल पा रही स्वीमिंग पूल की सुविधा
- विभाग कार्य में बरत रहे देरी, पूर्व मुख्यमंत्री 2015 में स्वीमिंग पूल के निर्माण कार्य कर चुके घोषणा
करनाल : ब्रेकिंग न्यूज : शहीद उधम सिंह राजकीय महाविधालय मटक माजरी में पांच करोड रुपए की लागत से बना स्वीमिंग पूल पांच साल बाद भी शुरु नहीं हो पाया है। स्वीमिंग पूल का निर्माण की घोषणा 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था। जो आज तक स्वीमिंग पूल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
पूल का निर्माण कार्य 2018 में शुरु हुआ था, जिससे 2020 में पूरा किया जाना था। शुरुआत में इसका निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग ने कराया था, लेकिन मार्च 2020 में कोरोना महामारी के चलते कार्य बीच में रुक गया।
इसके बाद पूल का अधूरा कार्य पंचायती राज विभाग को सौंपा गया। इस पूल के निर्माण कार्य को पूरा हुए तीन साल बीत चुके है, पूल में पानी नहीं भरा गया है। जिसका कारण टयूबेल लगने के बाद भी बिजली कनेक्शन अभी तक नहीं लिया गया है।
स्वीमिंग पूल की नहीं की जा रही देखरेख
स्वीमिंग पूल में पानी न भरने से इसकी टाइले टूटने लगनी शुरु हो गई है। पूल परिसर में बडी बडी झाडियां उग गई है। देखरेख न होने से पूल का भवन व परिसर खंडहर सा लगने लगा है। तैराकी के खिलाडियों को अभी तक स्वीमिंग पूल की सुविधा नहीं मिल पाई है।
जो जिले के खिलाडियों के लिए इंडोर स्वीमिंग पूल होगा। जहां खिलाडी पूरा साल तैराकी कर सकेंगे। कर्ण स्टेडियम में पुराना स्वीमिंग पूल को भी रिपेयर किया जाएगा। जो केवल गर्मी के सीजन में चलता है।
इंद्री में इंडोर स्वीमिंग पूल बनने से खिलाडियों को मिलेगी अलग पहचान
ओलंपिक खेलों में इंद्री का नाम चमके, इसके लिए शहीद उधम सिंह कॉलेजों में करोड़ों रुपए में इंडोर स्वीमिंग पूल तैयार किया जा रहा है। यह आठ लाइन का स्वीमिंग पूल में अंतर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी हो सकेगा। इससे इंद्री क्षेत्र को अंतर राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग से पहचान मिलेगी।
हरियाणा में किसी उपमंडल स्तर के कॉलेज में आधुनिक सुविधाओं से लैस यह पहला इंडोर स्वीमिंग पूल होगा। जिसमें राष्ट्रीय और अंतर राष्ट्रीय स्पर्धाएं आयोजित हो सकेंगी। क्षेत्र के खिलाड़ी तरीके से खेला का अभ्यास कर सकेगें।
वर्जन
स्वीमिंग पूल पंचायती राज विभाग की ओर से पाइपलाइन कनेक्शन डालकर पूरा कराया जाना था। उपमंडल अभियंता पंचायती राजक को पत्र लिखा जा चुका है। कार्य पूरा नहीं होता तब तक खेल विभाग इसे अभ्यास के लिए शुरु नहीं कराएगा ।
राजबीर सिंह रंगा, जिला खेल अधिकारी, करनाल।