करनाल शहर में अपराध के तरीके दिन-प्रतिदिन और भी शातिर होते जा रहे हैं। अब अपराधी बल प्रयोग के बजाय मनोवैज्ञानिक दबाव और सम्मोहन (हिप्नोटाइज) जैसे हथकंडों का सहारा लेकर सरेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसी ही एक सनसनीखेज घटना करनाल बस स्टैंड के पिछले हिस्से से सामने आई है, जहाँ दिनदहाड़े एक महिला को अपनी बातों के जाल में फंसाकर ठगों ने उसके सोने के जेवरात पार कर दिए।
पीड़ित महिला अपने घर जाने के लिए निकली थी, तभी बस स्टैंड के पास उसे दो अज्ञात व्यक्ति मिले। इनमें से एक व्यक्ति ने बेहद लाचारी दिखाते हुए महिला से कहा कि उसे पानीपत जाना है लेकिन उसके पास किराये के पैसे नहीं हैं। उसने महिला से मात्र 45 रुपये की मदद मांगी। महिला ने इंसानियत के नाते मदद करने की सोची, लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। ठगों ने बड़ी ही चतुराई से महिला को सम्मोहित कर लिया और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया।
सम्मोहन के प्रभाव में महिला को पास के एक पार्क में ले जाया गया। वहां टहलाते हुए ठगों ने उसे अपनी बातों में उलझाए रखा और महिला ने बिना किसी विरोध के अपने गले की सोने की चैन और हाथों की दो सोने की अंगूठियां निकालकर उन्हें सौंप दीं। इसके बदले में आरोपियों ने महिला को दो काले रंग के छोटे डिब्बे और एक काला बैग थमा दिया। ठगों ने महिला को यह विश्वास दिलाया कि इसमें कीमती सामान है। गिरोह इतना शातिर था कि उन्होंने वारदात को अंजाम देने के बाद महिला को रिक्शा के लिए 20 रुपये दिए और उसे ई-रिक्शा में बिठाकर वहां से रवाना कर दिया।
जब ई-रिक्शा कुछ दूर आगे बढ़ी, तब जाकर महिला को होश आया और उसे महसूस हुआ कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। जब उसने अपने शरीर पर देखा तो उसके सोने के आभूषण गायब थे। महिला ने तुरंत शोर मचाया और वापस उसी जगह पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से रफूचक्कर हो चुके थे। बदहवास महिला ने जब ठगों द्वारा दिए गए काले डिब्बे को खोलकर देखा, तो उसमें केवल एक 500 रुपये का नोट, कुछ रद्दी कागज जिन पर धागे बंधे हुए थे और एक काला कपड़ा निकला। महिला इस घटना से इतनी डरी और सहमी हुई थी कि वह मौके पर ही रोने लगी।
घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही डायल 112 और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने महिला से पूछताछ की और आरोपियों का हुलिया जानने का प्रयास किया। महिला ने बताया कि आरोपियों में से एक ने सफेद कमीज और जींस पहनी हुई थी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह किसी पेशेवर गिरोह का काम हो सकता है जो अक्सर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भोली-भाली महिलाओं को अपना शिकार बनाते हैं। ये लोग पहले छोटी आर्थिक मदद मांगकर बातचीत शुरू करते हैं और फिर सम्मोहन या नशीले पदार्थों के छिड़काव के जरिए व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति को शून्य कर देते हैं। पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अनजान लोगों से बातचीत करते समय सतर्क रहें और किसी के भी बहकावे में न आएं। इस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।