करनाल: विकास नगर इलाके से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक गरीब बुजुर्ग दंपत्ति का वर्षों की मेहनत से बनाया गया आशियाना आग की भेंट चढ़ गया। शुक्रवार शाम करीब 6:00 बजे हुए इस हादसे में घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। गनीमत यह रही कि जिस समय आग लगी, घर के मालिक सुभाष ई-रिक्शा चलाने गए हुए थे और उनकी पत्नी किसी के घर खाना बनाने की ड्यूटी पर थीं। घर की 9 वर्षीय बच्ची बाहर दोस्तों के साथ खेल रही थी, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर से अचानक धुआं उठता देख बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद पड़ोसियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए रसोई से गैस सिलेंडरों को बाहर निकाला, अन्यथा एक बड़ा धमाका हो सकता था। दमकल विभाग की गाड़ी को आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब 3 से 4 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
पीड़ित सुभाष ने रुआंसे गले से बताया कि आग में उनके जीवन भर की जमा पूंजी स्वाहा हो गई है। घर में रखा डबल बेड, सोफा, टीवी और कूलर तो जला ही, साथ ही बेटियों के लिए जोड़कर रखा गया करीब सवा तोला सोना और 11,000 रुपये नकद भी राख हो गए। उन्होंने बताया कि आज सुबह ही उन्हें किसी लोन की किश्त भरनी थी, जिसके लिए उन्होंने पैसे जोड़कर रखे थे। अब उनके पास न तो सिर छुपाने की छत बची है और न ही सोने के लिए बिस्तर।
इस कठिन घड़ी में पड़ोसियों ने मानवता की मिसाल पेश की और बुजुर्ग दंपत्ति व बच्ची को अपने घर पर पनाह दी। स्थानीय निवासियों ने समाज के दानी सज्जनों से इस परिवार की मदद करने की अपील की है ताकि वे दोबारा अपना घर खड़ा कर सकें। आग इतनी भीषण थी कि घर की दीवारें तक काली पड़ गई हैं और धुएं की गंध अभी भी पूरे इलाके में महसूस की जा रही है। यह हादसा हमें बिजली के उपकरणों और पुरानी वायरिंग की समय-समय पर जांच कराने के महत्व की याद दिलाता है।