- प्राइवेट लैब से मरीजों को करवाने पड़ रहे टेस्ट
- मरीजों को नहीं मिल पा रही है इलाज के लिए सुविधाएँ
करनाल : ब्रेकिंग न्यूज : कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में कई दिनों से शुगर व काला पीलिया के टेस्ट की किट खत्म हो रही है। जिससे मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। शूगर के लक्षण मिलने पर डॉक्टर मरीज का एचबीवनसी टेस्ट लिखता है। इस टेस्ट से पिछले तीन महीने की मरीज की शुगर की स्थिति का पता चल जाता है। इससे डॉक्टर को यह पता लगता है कि मरीज को कब से शुगर है।
मेडिकल कॉलेज में हर रोज दो हजार के करीब मरीजों की ओपीडी होती है
इस टेस्ट की रिपोर्ट में शुगर प्रतिशत में आता है लेकिन मेडिकल कॉलेज में किट न होने के कारण मरीजों को यह टेस्ट प्राइवेट लैब से कराना पड़ रहा है। बता दें मेडिकल कॉलेजमें हर रोज दो हजार के करीब मरीजों की ओपीडी होती है। इससे अलग काफी संख्या में मरीज दाखिल भी होते हैं। ऐसे में सभी मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या है काला पीलिया बीमारी
काला पीलिया में लीवर हो जाता है खराब काला पीलिया लिवर की एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जो आमतौर पर हेपेटाइटिस बी या सी वायरस के संक्रमण के कारण होती है। इसमें बिलीरुबिन का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिससे त्वचा, आंखें और पेशाब गहरा पीला या काला पड़ सकता है। इस गंभीर बीमारी का मेडिकल कालेज में टेस्ट ही नहीं हो रहा है।
वर्जन
शुगर व काला पीलिया टेस्ट के लिए किट के लिए हेड आफिस में पहले से डिमांड भेजी हुई है। अब दोबारा डिमांड की है। जल्द ही यह किट आ जाएगी और मरीजों के टेस्ट शुरू हो जाएंगे।
एमके गर्ग, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज, करनाल।