करनाल की जानी-मानी कॉलोनी अल्फा इंटरनेशनल सिटी के निवासियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। पिछले कई वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हजारों परिवारों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला नगर योजनाकार (DTP) गुंजन वर्मा ने शुक्रवार को कॉलोनी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलोनी की उन बदहाल सड़कों और पार्कों का जायजा लिया, जिनके नाम पर बिल्डर ने लोगों को करोड़ों रुपये के प्लॉट और मकान बेचे थे।
निरीक्षण के दौरान निवासियों ने डीटीपी के सामने अपनी व्यथा रखते हुए बताया कि कॉलोनी की मुख्य सड़कें, जिन्हें ‘सेक्टोरल रोड’ कहा जाता है, पिछले 20 सालों से बिल्डर द्वारा सरकार को हैंडओवर नहीं की गई हैं। परिणामस्वरूप, सड़कों पर गहरे गड्ढे और बिखरी हुई बजरी हादसों को निमंत्रण दे रही है। हालात इतने खराब हैं कि बारिश के दिनों में पूरी कॉलोनी जलमग्न हो जाती है। निवासियों ने आरोप लगाया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का गंदा पानी टैंकरों के माध्यम से खुले में डाला जा रहा है और ड्रेनेज सिस्टम के सुराखों को भी बंद कर दिया गया है।
सड़कों के अलावा कॉलोनी की स्ट्रीट लाइटें भी एक बड़ी समस्या बनी हुई हैं। निवासियों का कहना है कि रात के समय पूरी सिटी अंधेरे में डूबी रहती है, जिससे सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है। कागजों में दिखाए गए पार्क केवल झाड़ियों और मलबे के ढेर बनकर रह गए हैं। डीटीपी गुंजन वर्मा ने स्वयं इन खस्ताहाल रास्तों और बदहाल पार्कों का पैदल चलकर मुआयना किया। उन्होंने देखा कि किस तरह करोड़ों खर्च करने के बावजूद लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
अधिकारी ने मौके पर ही बिल्डर और अल्फा सिटी के प्रबंधन को आड़े हाथों लिया और सुरक्षा व अन्य सुविधाओं की कमी पर उनसे लिखित में जवाब तलब किया। डीटीपी गुंजन वर्मा ने निवासियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और अगले एक हफ्ते से एक महीने के भीतर मौके पर कार्रवाई दिखाई देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिल्डर की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस दौरे के बाद अब अल्फा सिटी के हजारों परिवारों में अपनी समस्याओं के समाधान की एक नई उम्मीद जगी है।