करनाल: हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर (एमसीएच) डॉ. वीरेंद्र यादव ने करनाल के नागरिक अस्पताल (सिविल हॉस्पिटल) में देर रात औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रात लगभग 11:30 बजे अपनी पूरी टीम के साथ पहुंचे डायरेक्टर को देखकर अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिस पर उन्होंने मौके पर मौजूद डॉक्टरों और अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।
डॉ. यादव ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, लेबर रूम, एक्स-रे रूम, ब्लड बैंक और ट्रामा सेंटर का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत में ही उन्होंने पाया कि अस्पताल में महत्वपूर्ण साइन बोर्ड्स, विशेषकर लेबर रूम के इलुमिनेटेड साइन बोर्ड्स गायब थे। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कल शाम तक सभी आवश्यक साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। लेबर रूम की सक्रियता जांचने के लिए जब उन्होंने बाहर से फोन मिलाया, तो अंदर किसी भी स्टाफ ने फोन नहीं उठाया। इस लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए स्टाफ को भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की हिदायत दी।
निरीक्षण के दौरान मरीजों के परिजनों ने भी डायरेक्टर के सामने अपनी व्यथा रखी। एक महिला ने बताया कि लेबर रूम में एक-एक बेड पर दो से तीन महिलाओं को रखा जा रहा है और घंटों इंतजार के बाद ही मरीजों को अटेंड किया जाता है। अस्पताल की रेनोवेशन प्रक्रिया पर भी सवाल उठे, जहां करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद पहली बारिश में ही छत से पानी टपकने की खबरें सामने आई थीं। डॉ. यादव ने इन सभी मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है।
डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। करनाल में अगले चार दिनों तक विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का गहन निरीक्षण किया जाएगा और शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के साथ बैठक कर सुधार के ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी सुविधाओं में आ रही दिक्कतों को भी प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।