हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज करनाल प्रवास के दौरान वर्तमान राज्य सरकार की नीतियों और प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया। कुरुक्षेत्र से लौटते समय करनाल रुके हुड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एसवाईएल (SYL) नहर विवाद, यूजीसी मामले और बढ़ते अपराध जैसे ज्वलंत मुद्दों पर मीडिया से खुलकर बात की।
एसवाईएल नहर के मुद्दे पर हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के बीच हाल ही में हुई बैठक को हुड्डा ने महज एक दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है। हुड्डा ने स्पष्ट किया कि जब देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) इस मामले में हरियाणा के पक्ष में अपना अंतिम फैसला सुना चुकी है, तो बैठकों का कोई अर्थ नहीं रह जाता। उन्होंने मांग की कि सरकार को समय बर्बाद करने के बजाय पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ ‘कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट’ (अदालत की अवमानना) की याचिका दायर करनी चाहिए ताकि हरियाणा के हक का पानी मिल सके।
प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज अपराध के मामले में चरम सीमा पर है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सोशल प्रोग्रेसिव इंडेक्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित प्रदेश बन गया है, जहाँ हर नागरिक खुद को खतरे में महसूस कर रहा है। पानीपत में हाल ही में एक ट्रांसपोर्टर पर हुई फायरिंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
यूजीसी (UGC) के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि न्यायालय ने सभी पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद ही यह निर्णय लिया होगा। उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि भविष्य में कोई भी फैसला लेने से पहले उसके दूरगामी परिणामों पर विचार करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, हुड्डा ने कांग्रेस के हालिया प्रशिक्षण शिविर और राहुल गांधी की भागीदारी को सकारात्मक बताया, साथ ही करनाल में कांग्रेस के नवनियुक्त संगठन की सराहना करते हुए कहा कि सालों बाद प्रदेश में एक मजबूत ढांचा तैयार हुआ है जो आने वाले समय में पार्टी को बड़ी मजबूती प्रदान करेगा।