हरियाणा के करनाल में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय ‘करण कमल’ के बाहर एक लंबे समय से चला आ रहा कानूनी और राजनीतिक विवाद अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। सेक्टर-9 स्थित इस कार्यालय के ठीक सामने बनी उस विवादित सड़क को उखाड़ने का काम प्रशासन ने युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है, जिसे लेकर देश की सर्वोच्च अदालत तक कानूनी लड़ाई लड़ी गई थी। यह पूरी कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के उन कड़े दिशा-निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है, जिसमें सार्वजनिक हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने का आदेश दिया गया था।
मामले की जड़ें कुछ समय पूर्व हुए उस निर्माण कार्य से जुड़ी हैं, जिसके तहत नेशनल हाईवे की सर्विस लेन से भाजपा कार्यालय तक सीधा संपर्क मार्ग बनाने के लिए करीब 40 पेड़ों को काट दिया गया था। इस निर्माण को लेकर स्थानीय निवासी और एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी (एक्स कर्नल) ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उनकी दलील थी कि जिस स्थान पर सड़क बनाई गई है, वह वास्तव में सेक्टर-9 की ग्रीन बेल्ट का हिस्सा है और नियमों को ताक पर रखकर यहाँ कंक्रीट का मार्ग तैयार किया गया है। जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तो तथ्यों की गहन जांच के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण और निर्धारित मास्टर प्लान के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने सरकार और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इस रास्ते को तत्काल उखाड़ा जाए और वहां पुनः वृक्षारोपण कर उसे ग्रीन बेल्ट में तब्दील किया जाए।
आज सुबह से ही प्रशासनिक अमला भारी मशीनरी के साथ मौके पर तैनात नजर आया। तीन जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क की ऊपरी सतह को उखाड़ा जा रहा है। यह वही मार्ग है जो भाजपा कार्यालय को सीधे हाईवे से जोड़ता था, लेकिन अब इसे पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर पूर्व में जोरदार प्रदर्शन किया था और सांकेतिक रूप से वहां बीज बोकर अपना विरोध दर्ज कराया था। अब कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन की यह कार्रवाई उन सभी आरोपों पर एक तरह से मोहर लगा रही है कि पूर्व में किया गया निर्माण नियमों के विरुद्ध था।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा कार्यालय आने-जाने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक वैकल्पिक मार्ग का खाका तैयार किया है। पुराने विवादित रास्ते से कुछ ही दूरी पर एक नई सड़क का निर्माण कार्य भी साथ-साथ चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नए मार्ग के लिए बाकायदा अनुमति ली गई है और यह विधिक रूप से मान्य है। निर्माणाधीन यह नया रास्ता भी सर्विस लेन से जुड़ता है और जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और मिस्त्रियों का कहना है कि नए मार्ग का काम अंतिम चरणों में है, ताकि कार्यालय आने वाले आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्थानीय निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह जीत केवल उनकी नहीं बल्कि पर्यावरण और कानून के शासन की है। ग्रीन बेल्ट किसी भी शहर के फेफड़े होते हैं और व्यावसायिक या राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें नष्ट करना भविष्य के लिए घातक है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सड़क उखाड़ने के तुरंत बाद वहां मिट्टी डालकर पौधरोपण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि वह क्षेत्र फिर से हरा-भरा हो सके। फिलहाल, भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में सड़क को समतल करने और कंक्रीट हटाने का काम जारी है।