करनाल शहर को और अधिक खूबसूरत और स्वच्छ बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक अनूठी और रंगारंग पहल की है। शहर के मॉडल टाउन स्थित श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर और स्कूल की सफेद दीवारों को कैनवास बनाकर छात्र अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। मौका है ‘कला संगम सीजन-3’ प्रतियोगिता का, जिसमें न केवल करनाल, बल्कि कुरुक्षेत्र और कैथल जैसे नजदीकी जिलों के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के छात्र बड़े उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। नगर निगम के इस आयोजन ने न केवल युवाओं को अपनी कला दिखाने का एक मंच प्रदान किया है, बल्कि शहर की कोरी दीवारों को एक नई और जीवंत पहचान भी दी है।
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य कला के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाना है। छात्रों को ‘सेव अर्थ’, ‘वाटर कंजर्वेशन’, ‘पॉल्यूशन’, ‘ग्लोबल वार्मिंग’ और ‘माय सिटी माय रिस्पॉन्सिबिलिटी’ जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक और पर्यावरणीय विषय दिए गए हैं। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और करनाल के विभिन्न कॉलेजों से आए छात्र इन विषयों को बड़ी ही गहराई और खूबसूरती के साथ दीवारों पर उकेर रहे हैं। एक टीम जहां प्रदूषण के दो चेहरों को दिखा रही है, वहीं दूसरी टीम ‘मदर अर्थ’ की वर्तमान स्थिति और मानवीय लापरवाही के परिणामों को चित्रित कर रही है। कुछ छात्रों ने अपनी पेंटिंग में करनाल के ऐतिहासिक घंटाघर और करण स्टैचू को शामिल कर शहर की विरासत को आधुनिकता और स्वच्छता के संदेश के साथ जोड़ने का प्रयास किया है।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक संदेश भेजने का लक्ष्य रखा गया है। जो लोग इन सड़कों से गुजरेंगे, वे इन रंग-बिरंगी कलाकृतियों को देखकर न केवल आकर्षित होंगे, बल्कि उन गंभीर संदेशों के बारे में भी सोचेंगे जिन्हें इन बच्चों ने अपने रंगों के जरिए व्यक्त किया है। यह प्रतियोगिता शाम 4:00 बजे तक चलेगी, जिसके बाद एक जूरी (निर्णायक मंडल) सर्वश्रेष्ठ कलाकृतियों का चयन करेगी। प्रतियोगिता के परिणामों के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 11,000 रुपये, द्वितीय स्थान के लिए 5,500 रुपये और तृतीय स्थान के लिए 3,100 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
छात्रों में इस प्रतियोगिता को लेकर जबरदस्त जोश देखा जा रहा है। कई छात्र-छात्राएं अपनी चार-चार सदस्यों की टीम बनाकर पहुंचे हैं और घंटों की मेहनत से अपनी कलाकृति को अंतिम रूप दे रहे हैं। प्रतिभागियों का कहना है कि एआई (AI) और बढ़ती तकनीक के इस दौर में हाथ से की जाने वाली कला का अपना एक अलग महत्व है और उन्हें खुशी है कि उन्हें अपने शहर को सुंदर बनाने में योगदान देने का मौका मिला है। नगर निगम की इस पहल से न केवल छात्रों के हुनर को पहचान मिल रही है, बल्कि शहर की सुंदरता में भी चार चांद लग रहे हैं।
यह ‘कला संगम’ का तीसरा संस्करण है, जो दर्शाता है कि नगर निगम शहर की स्वच्छता और सौंदर्य के प्रति कितना सजग है। ऐसी प्रतियोगिताएं न केवल शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि युवा कलाकारों को एक ऐसा मंच प्रदान करती हैं जहां वे अपनी कल्पनाओं को यथार्थ में बदल सकें। आने वाले समय में शहर की अन्य सार्वजनिक दीवारों पर भी इसी तरह की चित्रकारी देखने को मिल सकती है, जो करनाल को ‘स्मार्ट सिटी’ के साथ-साथ ‘आर्ट सिटी’ के रूप में भी स्थापित करेगी।