हरियाणा की राजनीति में अपनी पैठ मजबूत करने और कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में नई जान फूंकने के उद्देश्य से निकली ‘सद्भावना यात्रा’ का आज करनाल जिले के नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्र में भव्य स्वागत हुआ। ऐबला गांव से शुरू हुई इस यात्रा में कांग्रेसी नेता बृजेंद्र सिंह के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, बृजेंद्र सिंह के पिता और अनुभवी नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। यात्रा के दौरान नीलोखेड़ी की सड़कों पर कांग्रेस के समर्थन में जमकर नारेबाजी हुई और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया।
जनसभा को संबोधित करते हुए बृजेंद्र सिंह ने अपनी इस यात्रा के पांच महीनों के सफर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा 5 अक्टूबर से निरंतर चल रही है और अब तक 60 विधानसभा क्षेत्रों को कवर कर चुकी है। उन्होंने इस यात्रा को राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का विस्तार बताते हुए कहा कि यह देश की एकता और आपसी भाईचारे के संदेश को प्रदेश के हर गांव और कस्बे तक ले जाने का एक प्रयास है। बृजेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि शुरू में इस यात्रा को लेकर कुछ संशय थे, लेकिन जनता के अपार समर्थन ने विरोधियों को शांत कर दिया है।
राजनीतिक चर्चा को आगे बढ़ाते हुए बृजेंद्र सिंह ने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विभाजन पैदा कर रही है। उनके अनुसार, सरकार ने पहले अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया और अब किसान, जवान और खिलाड़ी भी उनके निशाने पर हैं। उन्होंने ‘अग्निवीर’ योजना को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसे किसान आंदोलन का बदला करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि सेना में जाने वाले अधिकांश युवा किसान परिवारों से आते हैं और इस योजना के जरिए उनके रोजगार के पक्के अधिकारों को छीन लिया गया है।
बृजेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अपनी पारंपरिक तटस्थता की भूमिका खो चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा और वहां की युद्ध स्थितियों पर भारत के रुख को कूटनीतिक विफलता बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार देश के भीतर नफरत और द्वेष की राजनीति कर रही है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नैतिक आधार कमजोर हुआ है।
चीन के साथ सीमा विवाद पर सरकार को घेरते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा कि मजबूत नेतृत्व का दावा करने वाली सरकार चीन के सामने बेबस नजर आती है। उन्होंने पूर्व थल सेना प्रमुख की किताब के प्रकाशन में आ रही अड़चनों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार सच से डरती है। उन्होंने शंकराचार्यों के साथ सरकार के व्यवहार और मनरेगा जैसी जनहितकारी योजनाओं को कमजोर करने के प्रयासों की भी निंदा की।
यात्रा का मूल मंत्र ‘कांग्रेस का हाथ भाईचारे के साथ’ बताते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो हर जाति, धर्म और वर्ग को एक छतरी के नीचे ला सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस सद्भावना को अपने व्यवहार में उतारें और आने वाली लंबी राजनीतिक चुनौती के लिए तैयार रहें। यात्रा नीलोखेड़ी के बाद इंद्री और अन्य क्षेत्रों की ओर प्रस्थान करेगी। कुल मिलाकर, नीलोखेड़ी में इस यात्रा के जरिए बृजेंद्र सिंह ने न केवल अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई, बल्कि सरकार के खिलाफ एक मजबूत वैचारिक मोर्चा भी खोला।