कांग्रेस के नवनियुक्त सह-प्रभारी प्रफुल्ल पनगुड़े आज अपने संगठनात्मक दौरे के तहत करनाल पहुँचे। यहाँ पहुँचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आगामी नगर निगम और पंचायत चुनावों के मद्देनजर पार्टी की जमीनी पकड़ को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सीधे तौर पर समझना था।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रफुल्ल पनगुड़े ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण इस योजना का लाभ पात्र लोगों तक सही ढंग से नहीं पहुँच पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में कटौती और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण ग्रामीण मजदूर परेशान हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक एक बड़ा अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।
संगठनात्मक ढांचे पर चर्चा करते हुए सह-प्रभारी ने स्पष्ट किया कि पार्टी की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। उन्होंने जिला और ब्लॉक स्तर के नेताओं को निर्देश दिया कि वे बूथ स्तर पर कमेटियों का गठन करें और जनता के बीच जाकर सरकार की विफलताओं को उजागर करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुटबाजी से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है, तभी कांग्रेस राज्य में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर पाएगी।
बैठक के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं ने संगठन में नियुक्तियों और अपनी अन्य मांगों को उनके समक्ष रखा। प्रफुल्ल पनगुड़े ने धैर्यपूर्वक सबकी बात सुनी और विश्वास दिलाया कि निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पार्टी में उचित सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका यह दौरा केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि वे कार्यकर्ताओं के फीडबैक के आधार पर ही अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपेंगे। इस अवसर पर भारी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिससे पार्टी के आगामी कार्यक्रमों को लेकर नई ऊर्जा का संचार देखा गया।