हरियाणा के करनाल जिले के अशोकनगर इलाके में विकास कार्यों के नाम पर की जा रही घोर लापरवाही ने स्थानीय निवासियों का जीवन नर्क बना दिया है। अर्जुन गेट शिवपुरी के समीप स्थित इस कॉलोनी में सीवर और ड्रेन डालने के लिए बिना किसी ठोस योजना के सड़कों की खुदाई कर दी गई है। खुदाई के दौरान भारी लापरवाही बरतते हुए घरों तक पहुँचने वाली पीने के पानी की पाइपलाइनों को भी तोड़ दिया गया, जिससे पूरे इलाके में पानी का संकट गहरा गया है।
निवासियों का आरोप है कि नगर निगम और संबंधित विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के 4 से 5 फुट गहरे खड्डे खोदकर चले गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने के लिए लकड़ी के फट्टों का सहारा लेना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा चिंता बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर है, क्योंकि रास्तों पर किसी भी तरह की बैरिकेडिंग नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक तरफ का रास्ता पहले से ही बंद था और अब दूसरा रास्ता भी खोद दिए जाने के कारण वे अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं।
यूंथ कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और निवासियों ने सरकारी पैसे की बर्बादी का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि जिस सड़क पर नई रेन वाटर पाइपलाइन डाली जा रही है, उसके समानांतर पहले से ही एक ड्रेन बनी हुई है। यदि पुरानी ड्रेन की सफाई करा दी जाती तो नई खुदाई की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। लोगों ने वार्ड के पार्षद (एमसी) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय हाथ जोड़कर वोट मांगने वाले जनप्रतिनिधि अब इस विकट परिस्थिति में जनता की सुध लेने नहीं आ रहे हैं।
काफी हंगामे के बाद मौके पर पहुँचे ठेकेदार सत्येंद्र को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ठेकेदार ने स्वीकार किया कि खुदाई के दौरान पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि एक घंटे के भीतर पाइपलाइनों की मरम्मत कर दी जाएगी और रास्तों को सुचारू बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे जिला प्रशासन और डीसी कार्यालय का घेराव करेंगे।