- साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड : आपातकालीन स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित
करनाल : ब्रेकिंग न्यूज
पंडित चिरंजी लाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा और नेशनल एसोसिएशन ऑफ साइकोलॉजिकल साइंस के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज के मेंटल हेल्थ सेल द्वारा “साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड : आपातकालीन स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य” विषय पर एक-दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक एस. नारायणन ने शिरकत की। दिल्ली विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर रोशन लाल दहिया मुख्य वक्ता रहे जबकि अन्य विश्वविद्यालयों से आए प्रोफेसर्स ने सेमिनार के अलग अलग सत्रों की अध्यक्षता की। इस सेमिनार में देशभर से आए लगभग 200 शिक्षकों, शोधार्थियों, मनोवैज्ञानिकों और विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया और मनोसामाजिक पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा संकट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।
हमें शिक्षा की गुणवता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है
महानिदेशक एस नारायणन ने कहा कि हमें शिक्षा की गुणवता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। मानसिक दबाव की बजाय युवाओं में कौशल विकसित करने की आवश्यकता है। इसलिए अब कौशल आधारित शिक्षा व डिजीटल तकनीक पर आधारित नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं ताकि हरियाणा के युवा वैश्विक स्तर की शिक्षा ग्रहण कर सकें। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा से ही लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठता है और बेहतर समाज की स्थापना हो सकती है। हमारा दायित्व है कि युवाओं को अच्छी शिक्षा दें ताकि वे खुद को सक्षम बनाकर नए भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि उच्च स्तर के शोध को बढ़ावा देने, नए विचारों और तकनीकों का आदान-प्रदान करने के लिए ही ऐसी सेमिनारों का आयोजन होता है ताकि समय के अनुसार शिक्षा के स्तर में सुधार होते रहे। हमें ऐसे कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए।
योग मन और शरीर के बीच संतुलन बनाकर मानसिक स्थिरता प्रदान करता है
दूसरे सत्र में करनाल के सामान्य अस्पताल की अतिरिक्त वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौभाग्य एस कौशिक ने कहा कि नियमित योग अभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि तनाव, चिंता और अवसाद से भी व्यक्ति को बाहर निकालने में मदद करता है। योग मन और शरीर के बीच संतुलन बनाकर मानसिक स्थिरता प्रदान करता है, जो आज के तनावपूर्ण जीवन में बेहद आवश्यक है। तीसरे सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर हरदीप लाल जोशी ने कहा कि खेल गतिविधियाँ आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ मानसिक दबाव को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। नियमित खेल व्यक्ति में अनुशासन, सकारात्मक सोच और भावनात्मक मजबूती विकसित करते हैं।
मोबाइल की अधिकता और नींद की कमी मानसिक तनाव के प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं
अंतिम सत्र में क्राइस्ट विश्वविद्यालय, दिल्ली के मनोविज्ञान विभाग की डॉ. रितु सेखरी ने कहा कि अनियमित दिनचर्या, मोबाइल की अधिकता और नींद की कमी मानसिक तनाव के प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं। संतुलित जीवनशैली, पर्याप्त नींद और स्वस्थ खान-पान मानसिक स्वास्थ्य की मजबूत नींव हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक, गैर शिक्षक सदस्य सहित भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।