- खेल विभाग पिछले दो साल से नहीं करा पाया रिपेयर, वॉलीबाल कोर्ट की परत उखड़ने से खिलाड़ियों को चोट लगने का रहता खतरा
करनाल ब्रेकिंग न्यूज: करनाल
2019 में कर्ण स्टेडियम में 6.95 करोड़ की लागत से तैयार किया गया सिंथेटिक ट्रैक की परत उखड़ना शुरु हाे गई है । जिसका कारण खेल विभाग की ओर से सिंथेटिक ट्रैक की सफाई व रखराव का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जहां हजारों खिलाड़ी रोजाना सिंथेटिक ट्रैक पर प्रैक्टिस करने के लिए आते है। ट्रैक की परत उखड़ने का कारण ट्रैक मिट्टी से अटने से ट्रैक की साइड से जाने वाली पानी निकासी के होल बंद हो चुके है। जिससे ट्रैक पर मिट्टी जमने से बारिश का पानी जमा होने लगता है। सिंथेटिक ट्रैक के बीच फुटबाल मैदान की घास की सफाई भी समय पर नहीं हो पाती है। जिससे सिंथेटिक ट्रैक की परते उखड़ना शुरु हो गई है। स्टेडियम के रखरखाव को लेकर जिला खेल विभाग को ध्यान देने की जरुरत है जिससे सिंथेटिक ट्रैक लंबे समय तक चल सके ।
– वॉलीबाल कोर्ट की भी परत उखड़ी, डेढ़ साल में खेल विभाग नहीं करा पाया ठीक
2019 में कर्ण स्टेडियम में 6.95 करोड़ की लागत से तैयार किया गया सिंथेटिक ट्रैक की परत उखड़ना शुरु हाे गई है । जिसका कारण खेल विभाग की ओर से सिंथेटिक ट्रैक की सफाई व रखराव का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जहां हजारों खिलाड़ी रोजाना सिंथेटिक ट्रैक पर प्रैक्टिस करने के लिए आते है। ट्रैक की परत उखड़ने का कारण ट्रैक मिट्टी से अटने से ट्रैक की साइड से जाने वाली पानी निकासी के होल बंद हो चुके है। जिससे ट्रैक पर मिट्टी जमने से बारिश का पानी जमा होने लगता है। सिंथेटिक ट्रैक के बीच फुटबाल मैदान की घास की सफाई भी समय पर नहीं हो पाती है। जिससे सिंथेटिक ट्रैक की परते उखड़ना शुरु हो गई है। स्टेडियम के रखरखाव को लेकर जिला खेल विभाग को ध्यान देने की जरुरत है जिससे सिंथेटिक ट्रैक लंबे समय तक चल सके ।
– वॉलीबाल कोर्ट की भी परत उखड़ी, डेढ़ साल में खेल विभाग नहीं करा पाया ठीक
कर्ण स्टेडियम में पिछले डेढ़ साल से वॉलीबाल के कोर्ट की परत उखड़ी पड़ी है। खेल विभाग अभी तक पीडब्ल्यूडी से वॉलीबाल कोर्ट की उखड़ी परत को ठीक नहीं करवा पाया है। जहां से परत उड़ी है वह सर्विंग एरिया से शुरु होकर सेंटर लाइन यानि बीच में लगने वाले जाल की तरफ जा रही है। जो खिलाड़ियों का ध्यान खेल की तरफ रहता है। ऐसे में खिलाड़ी इस परत के उखड़ने से असंतुलित होकर गिर सकता है। यदि समय रहते वॉलीबाल कोर्ट की रिपेयर नहीं हुई तो सारा कोर्ट खराब हो सकता है। जो कि कर्ण स्टेडियम में पांच साल पहले पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की ओर से 2.44 करोड़ रुपए की लागत से वॉलीबाॅल कोर्ट बनाया गया था।
– खेल विभाग ने स्टेडियम के रखरखाव को लेकर बोर्ड पर लगाए सख्त निर्देश
खेल विभाग की ओर से स्टेडियम के रखरखाव को लेकर बोर्ड पर सख्त निर्देश लगाए गए है। जिसमें कहा गया है कि सिंथेटिक ट्रैक व फुटबाल खेल मैदान व खिलाड़ियों के अलावा व्यक्तियों का आना सख्त मना है। यहां पर प्राइवेट अकेडमी व कोचिंग सेंटर चलाना सख्त मना है। कोई व्यक्ति पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। खिलाड़ियों प्रशिक्षण निशुल्क प्रदान किया जाता है। बाहरी व्यक्तियों का ट्रैक पर सैर करना व प्रशिक्षण में बाधा डालना सख्त मना है। खिलाड़ी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखे। सरकारी संपत्ति को नुकसान करता हुआ कोई पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
– खिलाड़ियों को खेलते समय लग सकती है चोट
वॉलीबाल कोच अश्विनी ने बताया कि कर्ण स्टेडियम के वॉलीबाल कोर्ट पर प्रैक्टिस व प्रतियोगिता के समय खिलाड़ियों का पूरा ध्यान अपने प्रदर्शन की ओर होता है। ऐसे में वॉलीबाल कोर्ट व सर्विग एरिया की उखड़ी परत की वजह से खिलाड़ी को चोट लग सकती है। गंभीर चोट से खिलाड़ी का प्रदर्शन भी खराब हो सकता है। समय रहते वॉलीबाल का कोर्ट रिपेयर होना चाहिए।
-वर्जन
वॉलीबाल के कोर्ट व सिंथेटिक ट्रैक के उखड़ने की रिपोर्ट हेड ऑफिस खेल विभाग को कई माह पहले भेज चुके है। विभाग की ओर से बजट मिलने के बाद ही पीडब्ल्यूडी से पैच वर्क का कार्य किया जाएगा। स्टेडियम का रखरखाव को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हुए है। बाहरी व्यक्ति स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक पर सैर न करे।
-राजबीर रंगा, जिला खेल अधिकारी, करनाल।
वॉलीबाल के कोर्ट व सिंथेटिक ट्रैक के उखड़ने की रिपोर्ट हेड ऑफिस खेल विभाग को कई माह पहले भेज चुके है। विभाग की ओर से बजट मिलने के बाद ही पीडब्ल्यूडी से पैच वर्क का कार्य किया जाएगा। स्टेडियम का रखरखाव को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हुए है। बाहरी व्यक्ति स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक पर सैर न करे।
-राजबीर रंगा, जिला खेल अधिकारी, करनाल।