करनाल में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर आज तड़के एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते बचा। जम्मू से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी एक तेज रफ्तार वोल्वो बस ने आगे चल रहे एक कैंटर ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कैंटर अनियंत्रित होकर बीच हाईवे पर ही पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन गनीमत यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बच गए और कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ।
यह दुर्घटना करनाल के बलड़ी बाईपास के पास फ्लाईओवर से उतरते वक्त हुई। बताया जा रहा है कि वोल्वो बस (जिस पर ‘सेवन हॉर्स पावर’ लिखा हुआ था) काफी तेज गति में थी। हालांकि आज कोहरा बिल्कुल नहीं था, फिर भी बस चालक संभवतः गति पर नियंत्रण नहीं रख पाया या ओवरटेक करने के प्रयास में यह हादसा हुआ। टक्कर लगते ही कैंटर, जो एक मसाला कंपनी के पैकिंग मटेरियल से भरा हुआ था, सड़क पर पलट गया और रेलिंग तोड़ते हुए क्षतिग्रस्त हो गया। कैंटर के पलटने से उसमें लदा सामान सड़क पर बिखर गया।
हादसे की सूचना मिलते ही हाईवे पुलिस और सदर थाना की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। सब इंस्पेक्टर जगमोहन ने बताया कि उन्हें ईआरपी के माध्यम से सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले कैंटर चालक को कैबिन का शीशा तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद, यातायात को सुचारू करने के लिए बड़ी हाइड्रा क्रेन मंगवाई गई। पुलिस ने एहतियात के तौर पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक को रोक दिया ताकि पलटे हुए भारी-भरकम कैंटर को सीधा किया जा सके और सड़क से हटाया जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों और बस में सवार यात्रियों के मुताबिक, बस की रफ्तार काफी तेज थी। एक यात्री ने बताया कि वे सो रहे थे जब अचानक झटका लगा। गनीमत रही कि बस पलटी नहीं, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अक्सर फ्लाईओवर से उतरते समय वाहनों की गति तेज हो जाती है, जो हादसों का कारण बनती है। उन्होंने सभी वाहन चालकों, विशेषकर वोल्वो और रोडवेज बस चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएं और हाईवे पर सावधानी बरतें।
फिलहाल, पुलिस ने हाइड्रा क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटा दिया है और यातायात को पूरी तरह से बहाल कर दिया है। यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरों को उजागर करती है, जहां थोड़ी सी लापरवाही कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती थी।