- नेताजी के तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा के नारों ने युवाओं में जोश भरा – डॉ प्रवीण ढांडा
- डीएवी पीजी कॉलेज में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन
करनाल : ब्रेकिंग न्यूज
डीएवी पीजी कॉलेज के इतिहास विभाग ने चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद के कुलपति एवं कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ रामपाल सैनी के निर्देश पर नेता सुभाष चन्द्र बोस की 129वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में दयाल सिंह कॉलेज के इतिहास विभाग के प्रवक्ता डॉ प्रवीण ढांडा ने वक्ता के रूप में शिरकत की, जिनका इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ सुलोचना नैन, अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ मीनाक्षी कुंडू और डॉ सुनील ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ रामपाल सैनी ने अपने संदेश में बताया कि आजादी के हीरो नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने अपनी क्रांतिकारी विचारधारा और अटूट साहस से स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। उनके योगदान ने भारत की आजादी के संघर्ष को एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया।
वे एक साहसी और स्वतंत्रता के प्रति अति उत्साहित नेता थे
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वक्ता डॉ प्रवीण ढांडा ने बताया कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान, विदेशों में रह रहे भारतीयों और युद्धबंदियों को संगठित कर आजाद हिंद फौज का गठन कर उसकी कमान संभाली। उन्होंने “चलो दिल्ली” और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” जैसे नारों से युवा देशवासियों में जोश भर दिया। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान का कोई सानी नहीं है। वे एक साहसी और स्वतंत्रता के प्रति अति उत्साहित नेता थे। डॉ प्रवीण ढांडा ने इस दौरान विद्यार्थियों से संवाद भी किया और विद्यार्थियों द्वारा पुछे गए सवालों के जवाब भी दिए। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम की संयोजक डॉ सुलोचना नैन, मीनाक्षी कुंडू और डॉ सुनील ने डॉ प्रवीण ढांडा को सम्मानित किया।