करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत दर्जनों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर एकत्रित हुए। इन कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले चार महीनों से उन्हें उनका वेतन नहीं दिया गया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों में नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा गार्ड, प्लंबर और सफाई कर्मचारी सहित विभिन्न श्रेणियों के करीब 71 लोग शामिल हैं।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि वे पूरी निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन जब वेतन न आने के संबंध में उन्होंने कार्यालय में पूछताछ की, तो उन्हें पता चला कि उनका नाम पोर्टल से काट दिया गया है। पोर्टल से नाम हटाए जाने के पीछे विभाग द्वारा कोई ठोस कारण नहीं बताया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 5 से 7 वर्षों से यहां सेवाएं दे रहे हैं और उन्होंने कोविड-19 जैसी गंभीर महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया था, लेकिन आज उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।
नर्सिंग स्टाफ की एक महिला कर्मचारी ने बताया कि वेतन न मिलने से घर का गुजारा करना नामुमकिन हो गया है। बच्चों की फीस और रोजमर्रा के खर्चों के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वे इस मामले को लेकर अस्पताल के निदेशक से मिले, तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि कर्मचारी सीधे तौर पर उनके अधीन नहीं हैं और उन्हें एचकेआरएन कार्यालय से संपर्क करना चाहिए। कर्मचारी इस समस्या के समाधान के लिए पंचकूला तक के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक केवल आश्वासन ही मिला है।
सुरक्षा गार्डों का भी यही कहना है कि चार महीने से वेतन न मिलने के कारण वे मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने बताया कि कई कर्मचारी दूर-दराज के गांवों से ड्यूटी पर आते हैं और अब उनके पास आने-जाने के लिए पेट्रोल के पैसे तक नहीं बचे हैं। कर्मचारियों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि उनका नाम पोर्टल पर तुरंत बहाल किया जाए और पिछला सारा बकाया वेतन जारी किया जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे आगे की रणनीति बनाने के लिए मजबूर होंगे।